CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS

लालबर्रा, एक बेटी ने कुछ वर्ष पूर्व सरकारी नौकरी पाने के बाद संकल्प किया था कि वह अपने माता-पिता को अपने खर्च पर ‘उमरा’ हेतु लेकर जाएगी, और अंतत: वह दिन आ गया जब वह अपने माता-पिता सहित ‘उमरा’ करने शुक्रवार सुबह सऊदी अरब के लिए रवाना हो गई। बात हो रही है लालबर्रा स्थित प्रतिष्ठान सिटी स्टील के संचालक मोहम्मद जमील मंसूरी की छोटी साहबजादी रोशना मंसूरी की। आज से चार-पांच वर्ष पूर्व रोशना ने मध्यप्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर में सरकारी नौकरी पाई। उस समय उन्होंने संकल्प किया कि वह अपनी माता श्रीमती रेहाना मंसूरी और पिता मोहम्मद जमील मंसूरी को अपने पैसों से ‘उमरा’ हेतु मक्का लेकर जाएगी। इस हेतु उन्होंने अपनी सैलरी से नियमित बचत करना प्रारंभ किया। अपने और अपने माता-पिता की पासपोर्ट संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण की और जब पर्याप्त बचत और तमाम तैयारियां पूरी हो गई तो उन्होंने यात्रा हेतु अपनी अंतिम तैयारियां की। रोशना ने अपनी सरकारी नौकरी की तैयारी जिस शिक्षक डामेन्द्र धानेश्वर के मार्गदर्शन में पूर्ण की थी, उनका शुक्रिया अदा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने वह विगत दिवस उनकी एकेडमी पहुंची। मौजूदा विद्यार्थियों को अपनी ओर से स्वादिष्ट नाश्ता करवाया और अपने शिक्षक का इस बात के लिए भरे गले से आभार माना कि उनकी शिक्षा की बदौलत आज वह इस मुकाम पर है जिसकी वजह से वह अपने माता-पिता को अपने खर्चे पर ‘उमरा’ जैसी पवित्र यात्रा करवाने में सक्षम हुई है। सभी विद्यार्थियों ने पवित्र यात्रा हेतु रोशना को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी। इसके पश्चात् रोशना के घर पर भी मिलन सह भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें समाज एवं बिरादरी के लोग उपस्थित हुए और उनकी यात्रा हेतु उनके माता-पिता को अपनी स्नेहिल शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि उमरा इस्लाम में एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है, जिसे मुसलमान अपने जीवन में कम से कम एक बार करने का लक्ष्य रखते हैं। उमरा करने से मुसलमान अपने को अल्लाह के करीब महसूस करते हैं और अपनी आस्था को मजबूत करते हैं।