नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जोरदार तेजी दर्ज की। सोमवार, 2 नवंबर को कंपनी के शेयरों में 7 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखने को मिली। इस तेजी के चलते महज एक घंटे के भीतर निवेशकों की संपत्ति में करीब 1 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया। पिछले सप्ताह जियो प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग और रिलायंस के शानदार तिमाही नतीजों ने बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बनाया था। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 33.8 प्रतिशत अधिक है। बेहतर वित्तीय प्रदर्शन का असर अब शेयर बाजार में भी दिखाई दे रहा है।

बीएसई पर 7.12 प्रतिशत चढ़ा शेयर, बाजार मूल्यांकन 16.74 लाख करोड़ के पार

सोमवार को कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर बीएसई पर 7.12 प्रतिशत उछलकर 1,246.45 रुपये तक पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर इसमें 6.79 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 1,244 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। शेयरों में आई इस बढ़त से कंपनी के बाजार पूंजीकरण में 1,00,208.45 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 16,74,786.99 करोड़ रुपये हो गया। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों में पहले स्थान पर बनी हुई है। पिछले सप्ताह घोषित रिकॉर्ड तिमाही नतीजों को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

सेंसेक्स और निफ्टी को भी मिला रिलायंस की तेजी का सहारा

शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई। प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा लाभ दर्ज करने वाली कंपनियों में शामिल रही। सुबह कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 935.82 अंक चढ़कर 75,390.02 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 248.15 अंक की बढ़त के साथ 23,300.05 पर कारोबार करता नजर आया। रिलायंस के मजबूत तिमाही प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और बाजार की तेजी को गति दी। कंपनी ने शुक्रवार को जारी वित्तीय नतीजों में 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।

ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार की रिकवरी से बढ़ी कंपनी की कमाई

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुनाफे में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह उसके ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार में सुधार रहा। इस क्षेत्र में परिवहन ईंधन की ऊंची कीमतों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर बेहतर मार्जिन से कंपनी की कमाई को मजबूती मिली। इसके अलावा डिजिटल सेवाओं में लगातार विस्तार ने भी वित्तीय प्रदर्शन को सहारा दिया। डिजिटल कारोबार की बेहतर वृद्धि से खुदरा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कमजोर कमाई के प्रभाव को कम करने में मदद मिली। कंपनी के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार सहित O2C सेगमेंट का प्रदर्शन तिमाही के दौरान मजबूत रहा। इन गतिविधियों के चलते कंपनी का कुल राजस्व 2,31,601 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

टैक्स के बाद मुनाफे में 67.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, संबंधित तिमाही में टैक्स के बाद कमाई 67.9 प्रतिशत बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, कुल तिमाही मुनाफा 29,550 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में मुनाफे में 33.8 प्रतिशत की वृद्धि कंपनी के मजबूत कारोबारी प्रदर्शन को दर्शाती है। रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल और डिजिटल सेवाओं में बेहतर नतीजों ने इस वृद्धि में अहम योगदान दिया है। रिकॉर्ड मुनाफे के बाद शेयरों में आई तेजी से रिलायंस के निवेशकों को भी बड़ा लाभ हुआ और कंपनी का बाजार मूल्यांकन एक ही कारोबारी सत्र में उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया।