CURATED BY – CHANDAN KUMAR CHAUBEY | CITYCHIEFNEWS

रक्सौल, विद्यालय के प्रधानाध्यापिका की हरकत से परेशान ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग पटना को किया शिकायत तो जांच करने पहुंची एमडीएम की टीम, एमडीएम टीम के सामने हीं खुलने लगी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महोदया की पोल.
मोतिहारी- बिहार सरकार सूबे में बेहतर शिक्षा को लेकर भले हीं लाख दावे कर लें लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और हीं बयां करती है, बच्चों के बौद्धिक एवं मानसिक विकास के लिए सरकार ने हर स्कूल में एमडीएम लागू किया लेकिन एमडीएम लूट खसोट का एक जरिया बन गया। मामला पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल प्रखंड क्षेत्र के परसौना तपसी पंचायत के जयंत टोला उत्क्रमित मध्य विद्यालय की है जहां पिछले दो-तीन दिनों से बच्चों के खाने में एमडीएम के रूप में पीलू परोसा जा रहा था जब इसकी शिकायत बच्चों ने अपने अभिभावकों से की तो अभिभावक विद्यालय पहुंचे जहां सच्चाई सामने आई की एमडीएम के रूप में खाने में पीलू परोसा जा रहा है। इसकी शिकायत पूर्व में भी ग्रामीणों के द्वारा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को किया जा चुका था लेकिन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने कोई एक्शन नहीं लिया। बाद में प्रधानाध्यापिका एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महोदया की हरकतों से तंग आकर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग पटना को किया अगले दिन तुरंत जांच के लिए एमडीएम की टीम विद्यालय पहुंची। भनक लगते हीं उक्त मौके पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महोदया भी जांच के लिए पहुंची जहां एमडीएम टीम वालों के सामने हीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महोदया और प्रधानाध्यापिका की पोल खुलने लगी। छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो तीन दिनों से कीड़ा वाला खाना दिया जा रहा है जिसकी शिकायत करने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया।