जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। उत्तराखंड के कोटद्वार में पहाड़ से आए मलबे की चपेट में आने से एक मकान ढह गया। हादसे में दो वर्षीय बच्चे और एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। एक महिला को सुरक्षित बचा लिया गया। राज्य के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से सड़कें बाधित हुई हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से दिल्ली की अंजली की मौत हो गई, जबकि कर्नाटक निवासी शिदप्पा घायल हो गए। देवाल-लोहाजंग हाईवे दूसरे दिन और हाटकल्याणी-सवाड़ मार्ग चौथे दिन भी बंद रहा। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा चेतावनी स्तर के ऊपर बह रही है।

लाहौल-स्पीति में तीन जगह फटा बादल, सिरमौर में खदान धंसी

हिमाचल प्रदेश में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिरमौर जिले में तेज बारिश के बीच चूना पत्थर की खान धंसने से तीन मजदूर मलबे में दब गए। वहीं लाहौल-स्पीति में तीन स्थानों पर बादल फटने से कई सड़कें बह गईं। इससे नीलकंठ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और किसानों के वाहन रास्ते में फंस गए। संगड़ाह के एक स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने से कक्षा में बैठी बच्ची घायल हो गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां सिर में 11 टांके लगाए गए। लगातार बारिश के कारण जिले के कई पुराने स्कूल भवनों की स्थिति जर्जर हो गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को देहरादून और बागेश्वर के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

नदी में फंसे यूपीईएस के छह छात्र

देहरादून में बारिश के बाद स्वारना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस दौरान ट्रेकिंग पर गए यूपीईएस यूनिवर्सिटी के छह छात्र नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम करीब छह किलोमीटर कठिन रास्ता तय कर घटनास्थल तक पहुंची और रस्सियों की मदद से सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

चमोली टनल हादसे में 10 हुई मृतकों की संख्या

चमोली जिले में टीएचडीसी की पीपलकोटी-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना की टनल से मंगलवार को दो और शव बरामद किए गए। इसके साथ हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। 13 अगस्त की शाम भूस्खलन के बाद टनल में 22 श्रमिक फंस गए थे। करीब 117 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद सभी लापता श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया। इनमें 12 श्रमिकों को सुरक्षित बचाकर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया था।

तमक नाले में लापता हवलदार की तलाश जारी

ज्योतिर्मठ में 10 अगस्त को तमक नाले में आई आपदा के बाद से बीआरओ के हवलदार पंकज का अब तक पता नहीं चल सका है। राहत एवं बचाव दल उनकी तलाश में जुटा है और अभियान में अत्याधुनिक रडार तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जम्मू संभाग में ऑरेंज, कश्मीर में यलो अलर्ट

जम्मू-कश्मीर के शोपियां, कुपवाड़ा समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश हुई। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र ने जम्मू संभाग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कश्मीर में 19 से 21 अगस्त तक यलो अलर्ट रहेगा। लगातार बारिश के कारण जम्मू क्षेत्र में भी कई स्थानों पर आवाजाही प्रभावित हुई है।

राजस्थान में 10 जिलों में बारिश का अलर्ट

राजस्थान में भी अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बुधवार को जयपुर समेत 10 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। 20 से 23 अगस्त के बीच जयपुर और भरतपुर संभाग में बारिश का असर अधिक रहने की संभावना है। मंगलवार को करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर, उदयपुर और सिरोही में हल्की बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में 1 से 20 मिलीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड हुई।

मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश का अनुमान

मध्य प्रदेश में पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बुधवार को टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का अलर्ट है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में करीब 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। जबलपुर समेत 12 जिलों में भी भारी बारिश के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर बना अवदाब अब पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय है। 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल में इसका प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है। इसके बाद 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश का असर धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है।