नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जलभराव और खराब ड्रेनेज सिस्टम की समस्या अब हादसों का कारण बनने लगी है। देवली इलाके में भारी बारिश के बाद एक प्राइवेट पार्किंग की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से पार्किंग में खड़ी 8 से 10 से ज्यादा गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। बारिश के पानी की निकासी का पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण पानी जमा हो गया था। लोगों का आरोप है कि सड़क और सीवर से जुड़े काम के लिए इलाके में खुदाई किए जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। पानी के लगातार जमाव के कारण दीवार कमजोर हुई और आखिरकार ढह गई।

आठ साल से पार्किंग, पहली बार हुआ ऐसा हादसा

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि करीब 8 से 10 वाहन हादसे में क्षतिग्रस्त हुए हैं। उनके मुताबिक, पार्किंग के पीछे की पूरी लेन में काम चल रहा था और सड़क की खुदाई के कारण बारिश का पानी जमा हो गया। उन्होंने बताया कि वे करीब आठ साल से इसी जगह पर वाहन पार्क कर रहे हैं, लेकिन पहले कभी इस तरह की परेशानी सामने नहीं आई।

स्थानीय लोगों ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मॉनसून के दौरान जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने और सीवर के जाम रहने से पानी निकल नहीं पाया। यही जलभराव दीवार गिरने की मुख्य वजह बना।

1500 से 1800 रुपये तक देते हैं पार्किंग शुल्क

स्थानीय निवासी प्रवीण कुमार और प्रशांत ने भी हादसे के लिए भारी बारिश के साथ खराब सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को जिम्मेदार बताया। उनका कहना है कि MCD की ओर से सीवर के काम के लिए सड़कें खोदी गई थीं, जिसके बाद इलाके में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।

दोनों ने बताया कि वे अपनी कारें इसी प्राइवेट पार्किंग में खड़ी करते हैं और इसके लिए हर महीने करीब 1,500 से 1,800 रुपये तक शुल्क देते हैं। वर्षों से यहां वाहन खड़े करने के बावजूद इस तरह की घटना पहली बार हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में सड़क और सीवर का काम उचित तरीके से नहीं किया गया, जिसका खामियाजा अब वाहन मालिकों को भुगतना पड़ा है।

तीन दिन की बारिश से दिल्ली-NCR बेहाल

दिल्ली-NCR में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजधानी की कई सड़कें जलमग्न हैं और लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में अब तक करीब 127 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2011 के बाद यह अगस्त की शुरुआत में हुई सबसे अधिक बारिश में से एक है।

गुरुग्राम में भी भारी बारिश के चलते हालात बिगड़े हुए हैं। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है और यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं हरियाणा के कई जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है। रोहतक और फरीदाबाद में जलभराव से लोग परेशान हैं।

दिल्ली के संगम विहार में भी बारिश के बाद स्थिति गंभीर बनी रही, जबकि नोएडा के कई हिस्सों में सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। लगातार बारिश ने दिल्ली-NCR की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है और एक बार फिर शहरों की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।