अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी व्यवसायियों पर मंडराता सुरक्षा का संकट एक बार फिर गहरा गया है। टेनेसी राज्य के जैक्सन शहर में एक नृशंस वारदात के दौरान 56 वर्षीय गुजराती कारोबारी सुरेश पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के समय मृतक की 19 साल की मासूम बेटी बिल्कुल उनके करीब खड़ी थी, जो इस जानलेवा हमले में चमत्कारिक रूप से बच गई, हालांकि उसने अपने पिता को तड़पते हुए देखा।

यह दिल दहला देने वाली घटना 20 अगस्त की रात करीब 9 बजे रिजक्रेस्ट रोड स्थित 'रिजक्रेस्ट सेलर्स' नामक शराब के स्टोर पर घटी।

रकम हाथ में आते ही चला दीं गोलियां

पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। नकाबपोश लुटेरा केवल डकैती के इरादे से नहीं, बल्कि घातक इरादे से दाखिल हुआ था।

कैश देने के बाद भी हमला: सुरेश पटेल ने लुटेरे की बंदूक देखते ही दुकान में रखी पूरी नकदी उसके हवाले कर दी थी। लेकिन पैसे हाथ में आने के बाद भी बेखौफ अपराधी ने कई राउंड अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।

मौके पर मौत: एक गोली पटेल को सीधे लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

कर्मचारी भी जख्मी: फायरिंग की भगदड़ में दुकान में मौजूद एक 70 वर्षीय बुजुर्ग कर्मचारी नीचे गिर गया, जिससे उसकी कलाई की हड्डी टूट गई।

वारदात को अंजाम देने के बाद कातिल लूटी गई नकदी समेटकर बाहर खड़ी सफेद रंग की सेडान कार में बैठकर रफूचक्कर हो गया।

चेहरे पर पेंटबॉल मास्क, हुडी में छिपा था कातिल

जैक्सन पुलिस के अनुसार, हत्यारा एक लंबा अश्वेत पुरुष था। उसने पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर 'पेंटबॉल' वाला बड़ा मास्क लगा रखा था। इसके अलावा उसने स्लेटी (ग्रे) रंग की हुडी, जींस और भारी कामकाजी जूते (वर्क बूट्स) पहन रखे थे।

स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने गवाहों और आसपास के लोगों से अपील की है कि संदिग्ध कार या हुडी वाले व्यक्ति के बारे में कोई भी सुराग मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।

हाल ही में अमेरिका में बसा था परिवार, मेहसाणा में शोक की लहर

दिवंगत सुरेश पटेल मूल रूप से गुजरात के मेहसाणा जिले (कड़ी तहसील) के अखज गांव के निवासी थे। उनके परिवार ने बहुत उम्मीदों के साथ हाल ही में 'रिजक्रेस्ट सेलर्स' का व्यावसायिक स्वामित्व खरीदा था। सुरेश पटेल ने खुद महज कुछ दिनों पहले ही इस स्टोर का प्रबंधन संभाला था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

पत्रकारिता दृष्टिकोण: अमेरिका में देर रात तक चलने वाले लिकर स्टोर्स और ग्रोसरी आउटलेट्स हमेशा से हथियारबंद अपराधियों के आसान शिकार रहे हैं। लेकिन हाल के वर्षों में जिस तरह पैसे देने के बाद भी भारतीय-अमेरिकियों की हत्या की जा रही है, उसने प्रवासी समुदाय के मन में खौफ पैदा कर दिया है। यह घटना सिर्फ एक डकैती नहीं, बल्कि अमेरिका के आंतरिक सुरक्षा ढाँचे और छोटे व्यापारियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान है।