कोलकाता, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद यह प्रधानमंत्री का पहला प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रम माना जा रहा है। इस आयोजन के लिए कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड को मुख्य स्थल के रूप में चुना गया है, जहां प्रधानमंत्री मोदी योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।

प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में 14 जून से रेड रोड को आम यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। सड़क बंद किए जाने के फैसले ने राजनीतिक और कानूनी विवाद को जन्म दे दिया है। विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस पर सवाल उठाए हैं, जबकि ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (AILU) ने मामले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

रेड रोड बंद करने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि 14 जून से सड़क बंद रहने के कारण अदालत आने-जाने वाले वकीलों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सॉगत भट्टाचार्य ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सड़क बंद रहने की अवधि में लोगों के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि योग दिवस कार्यक्रम समाप्त होते ही रेड रोड को तत्काल आम जनता के लिए खोल दिया जाना चाहिए।

वकीलों ने बताया जनता के लिए परेशानी का कारण

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने दलील दी कि पूरे मार्ग को बंद करने के बजाय सड़क के एक हिस्से को चालू रखा जा सकता था। इससे लोगों को लंबा चक्कर लगाने और अतिरिक्त समय बर्बाद होने से राहत मिलती। प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम में लगभग 35 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है।

राज्य सरकार का पक्ष

राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि यह आयोजन आयुष मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं। सरकार का दावा है कि आम लोगों को किसी प्रकार की विशेष असुविधा नहीं होगी।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई की जाएगी।

महुआ मोइत्रा ने उठाए सवाल

रेड रोड बंद किए जाने के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता महुआ मोइत्रा ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने योग दिवस कार्यक्रम की तुलना ईद की नमाज से करते हुए सवाल उठाया।

महुआ ने लिखा कि ईद की नमाज के लिए रेड रोड पर एक दिन के लिए भी एक घंटे की अनुमति नहीं दी जाती, जबकि योग दिवस कार्यक्रम के लिए उसी सड़क पर एक सप्ताह तक यातायात रोक दिया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ नेताओं की चुप्पी को लेकर भी टिप्पणी की।

टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं पर भी साधा निशाना

अपने पोस्ट में महुआ मोइत्रा ने उन मुस्लिम नेताओं पर भी अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोला, जिन्होंने राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद टीएमसी का साथ छोड़कर एनडीए का रुख किया है।

कर्मचारियों की भागीदारी पर भी उठा विवाद

इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों से योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील किए जाने पर कर्मचारी संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई है। यह मामला भी अदालत तक पहुंचा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि राज्य सरकार के आदेश में कहीं भी कर्मचारियों की उपस्थिति को अनिवार्य नहीं बताया गया है। आदेश में केवल कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया गया है, इसलिए इसे बाध्यकारी निर्देश नहीं माना जा सकता।