राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की बाड़ेबंदी कांग्रेस विधायक आज होंगे कर्नाटक रवाना
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को कर्नाटक भेजने का फैसला किया हैँ इससे पहले नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ रात्रि भोज पर बैठक कर आगामी राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की बैठक के बाद उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और संगठन तथा नेतृत्व की एकता ही आगामी राज्यसभा चुनाव में पार्टी की जीत का मार्ग प्रशस्त करेगी उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करेंगे।आखिर कार विधायकों को कर्नाटक भेजनें का कारण क्या हैँ दरसल मामला ये हैं कि राज्यसभा चुनाव में मतदान विधायकों द्वारा किया जाता है ऐसे में चुनाव से पहले राजनीतिक दल अक्सर अपने विधायकों को एक स्थान पर एकत्रित रखते हैं राजनीतिक भाषा में इसे "बाड़ेबंदी" या "रिसॉर्ट पॉलिटिक्स" कहा जाता है कांग्रेस का मानना है कि चुनाव से पहले विधायकों को एकजुट रखने से किसी प्रकार की क्रॉस-वोटिंग, टूट-फूट या राजनीतिक दबाव की संभावना कम हो जाती है इसी वजह से कांग्रेस ने अपने विधायकों को कर्नाटक भेजने का निर्णय लिया है जहां वे मतदान तक पार्टी नेतृत्व की निगरानी में रहेंगे। मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनावी तस्वीर उस समय दिलचस्प हो गई जब भाजपा ने अपनी दो सुनिश्चित सीटों के अलावा तीसरे उम्मीदवार को भी मैदान में उतार दिया भाजपा के इस कदम के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति को और मजबूत करने का फैसला किया राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने से कांग्रेस किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती इसलिए सभी विधायकों को एक साथ रखने का निर्णय लिया गया है सूत्रों के अनुसार विधायकों को कर्नाटक भेजने का फैसला प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व कांग्रेस विधायक दल और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच चर्चा के बाद लिया गया है ऐसे फैसले आमतौर पर तब लिए जाते हैं जब चुनाव में प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण हो और पार्टी किसी भी तरह की राजनीतिक अनिश्चितता से बचना चाहती हो।
भोपाल एयरपोर्ट पर कांग्रेस विधायक एकत्रित होने लगे हैं और थोड़ी देर में विशेष व्यवस्था के तहत कर्नाटक के लिए रवाना होंगे वहां उनके ठहरने और बैठक की व्यवस्था पहले से की गई है पार्टी नेतृत्व लगातार विधायकों के संपर्क में है और चुनावी रणनीति पर अंतिम रूप से मंथन किया जा रहा है।
कांग्रेस इस कदम के जरिए दो संदेश देने की कोशिश कर रही है पहला, पार्टी में किसी प्रकार की अंदरूनी नाराजगी या असंतोष नहीं है दूसरा सभी विधायक पूरी तरह पार्टी नेतृत्व के साथ खड़े हैं और राज्यसभा चुनाव में अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। अब सभी की नजर 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव पर टिकी है यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस की यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है और भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर बना राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाता है।
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