CURATED BY – MOHD. MUNEER | CITYCHIEFNEWS

शहडोल, संगठित अपराध की विशेषताओं की पहचान में साफ हुआ है कि संगठित अपराध में आत्म-स्थायित्व और निरंतर साजिश, लाभ और मिली शक्ति का प्रयोग निजी लक्ष्य की प्राप्ति, भय और भ्रष्टाचार का उपयोग और कानून से आभासी प्रतिरक्षा की विशेषताएं हैं ठीक ऐसा उमरिया जिले में हो रहा है जहां शासकीय की नौकरी पेशा अधिकारी चंद चांदी के सिक्कों के खातिर मानों सरकारी कुर्सी बेच कर रख दी, ऐसा इसलिए क्योंकि  आपके शहर से करोड़ों रुपए की शासकीय खनिज संपदा का अवैध दोहन बाहरी वैध रेत ठेका कंपनी अवैध खनन करती है तो जिम्मेदार कौन और क्यों... बड़ा सवाल पढ़ें पूरी खबर.

दरअसल संभागीय मुख्यालय के उमरिया जिले में महीनों पूर्व रेत खदानों की नीलामी मे हुई थी लेकिन अत्यधिक टेंडर राशि एबब होने के चलते ठेकेदार और जिले के खनिज विभाग द्वारा खेला कर दिया गया, और सिरे से टेंडर किया गया, इस बार मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बड़े स्तर पर खनिज राजस्व को घाटा होने की खबर है रेत ठेकेदार सस्ते दर पर रेत खदान ले लिए। इतना ही नहीं इसके साथ साथ ही अवैध रेत खनन का काला कारोबार शुरू कर दिया।

जबकि अभी शत-प्रतिशत खदानों की लीगल परमिशन नहीं मिली जिसमें सीटीओ प्रमुख है। जिले में रेत आपूर्ति को लेकर कुछ खदानों की ही टीपी (ट्रांजिट पास) जारी हुई है जिसमें रेत खनन के लीज होल्डर बाबा महाकाल मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड (चैन सिंह शेखावत) को प्रदान की गई हैं हम आपको बता दें कि जिले में शुरूआती दिनों से ही विवादित आवंटित रेत खदान करकटी जोकि जनपद पंचायत पाली क्षेत्र में आती है। जो कि वर्तमान में हो रही मोहबला रेत खदान से लगभग 74 किलोमीटर दूर है करकटी रेत खदान की टीपी पर रेत खनन हो रहा है और हम आपको बता दें कि सिटी चीफ रिपोर्टर की ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग पर पता चलता है कि ग्राम करकटी में आवंटित रेत खदान में ना तो कोई बोर्ड फ़्लैग इत्यादि लगा हुआ है लगाएंगे भी कैसे हमारी और कैमरे की नज़र जितनी भी दूर तक गई करकटी रेत खदान फर्जी दिखाई देती ही नज़र आ रही थी उमरिया जिले की माइनिंग अफसर फरहत जहां की पदस्थापना उमरिया जिले में पहले शहडोल और उससे पहले अनूपपुर में थी, एक दशक से अधिक समय तक संभागीय मुख्यालय पर रहने के बाद यद्यपि कोई रेत ठेका कंपनी फर्जी रेत खनन कर असली टीपी ट्रांजिट पास पर जिले की अन्य नदियों से खनन कर रही है तो कहीं ना कहीं जिले की अकूत संपत्ति का अंधाधुंध दोहन ही है सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश शासन के खनिज राजस्व की चोरी और इस चोरी पर अंकुश लगाने की जगह महीनों से दिया जा रहा अभयदान के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए उमरिया कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैध को पहले करनी होगी चूंकि मामला गंभीर है निजी वित्तीय लाभ का कलंक खनिज विभाग पर तो लग ही रहा है लेकिन इन सब के बीच इसके छींटे कलेक्टर तक पहुंचने की खबर है। 
 
हम आपको बता दें कि वैध ठेकेदार यहां आवंटित रेत खदान की ईटीपी काट कर महज कागजी कोरम ही पूरा कर मानपुर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाली रेत खदान सलैया, मोहबला से बंदूक की नोक पर दिनदहाड़े रेत का नियमविरुद्ध अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है यही नहीं रेत ठेका कंपनी की हिमाकत तो देखिए अब कंपनी एनजीटी के निर्देशों का भी खुला उल्लंघन किए जा रही है। जबकि एनजीटी के स्पष्ट निर्देश हैं कि नदियों में मशीनों से उत्खनन नही किया जा सकता है। साथ ही जितना रकवा स्वीकृत है उससे अधिक एरिया से उत्खनन नही हो सकता है लेकिन रेत ठेकेदार और खनिज विभाग की मिलीभगत से खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन वैध टीपी के नाम पर जारी है।