प्रकाश सिंह बादल डेथ न्यूज LIVE: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार शाम मोहाली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 95 वर्ष के थे. पांच बार के मुख्यमंत्री बादल को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बादल के परिवार में उनके बेटे और अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और बेटी परनीत कौर हैं, जिनकी शादी पूर्व कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों से हुई है. अकाली दल के संरक्षक बादल 2022 पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले सबसे उम्रदराज उम्मीदवार थे. हालांकि AAP के पहले बार उम्मीदवार बने गुरमीत सिंह खुडियन से उनको हार का सामना करना पड़ा.

केंद्र सरकार ने प्रकाश सिंह बादल के सम्मान में 26-27 अप्रैल को दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है. इसके तहत सभी सरकारी भवनों में झंडे आधे झुके रहेंगे. बादल का राजनीतिक सफर 75 साल का रहा. 1952 में बादल गांव से चुने गए सबसे कम उम्र के सरपंच थे. वह 1970 में पंजाब के सबसे कम उम्र के सीएम और फिर 2012 में सबसे उम्रदराज भी सीएम बने. उन्होंने 1970-71, 1977-80, 1997-2002, 2007-12 और 2012-17 तक पांच बार सीएम बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. वह लोकसभा सांसद भी रहे थे और थोड़े समय के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में कार्य किया.

अपने 75 साल के राजनीतिक सफर में बादल सिर्फ दो बार विधानसभा चुनाव हारे. पहले, 1967 में गिद्दड़बाहा से हरचरण सिंह बराड़ से सिर्फ 57 वोटों से और उसके बाद 2022 में लांबी से गुरमेत सिंह खुडियान से उनको हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर 1957 में मलोट से पंजाब राज्य के पुनर्गठन से पहले पहला विधानसभा चुनाव जीता. उन्होंने 1969, 1972, 1977, 1980 और 1985 में गिद्दड़बाहा से लगातार पांच बार विधानसभा चुनाव जीता. बादल ने अपने राजनीतिक जीवन में दो बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़े- एक बार 1962 में और दूसरी बार 1992 में, क्योंकि अकाली दल ने इनका बहिष्कार किया था. बादल को 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. जिसे उन्होंने 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में लौटा दिया.