पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के 1.19 लाख बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान
चुनाव आयोग ने दोबारा वोटिंग से किया इनकार
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पोलिंग बूथ पर पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। आयोग के मुताबिक दोनों राज्यों के कुल 1,19,440 मतदान केंद्रों में कहीं से भी दोबारा वोटिंग कराने की सिफारिश नहीं मिली है।
चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के 44,376 पोलिंग स्टेशनों पर पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। राज्य में कुल 152 सीटों पर वोट डाले गए, जहां रिकॉर्ड करीब 92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा और तनावपूर्ण माहौल के लिए चर्चा में रहा है। हालांकि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई, जिसके चलते मतदाता निर्भय होकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे। सख्त सुरक्षा प्रबंधों के कारण किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पड़ी और मतदान प्रतिशत ने पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए।
वहीं तमिलनाडु में भी मतदाताओं ने उत्साह के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया। राज्य के 75,064 पोलिंग स्टेशनों पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ और निर्वाचन आयोग के अनुसार कुल 85.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
रिकॉर्ड मतदान पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने खुशी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि लोगों ने “यह सिर्फ एक वोट है” सोचने के बजाय “यह पूरी पीढ़ी के भविष्य का फैसला है” की भावना के साथ मतदान किया। उन्होंने जिम्मेदार नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि तमिलनाडु में चुनाव हमेशा की तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और कहीं से किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मतदाताओं ने भारी संख्या में मतदान कर लोकतंत्र की रक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, “तमिलनाडु में मतदान हो चुका है, अब चार मई को तमिलनाडु जीत दर्ज करेगा। आइए, हम सब मिलकर इस जीत का हिस्सा बनें।
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