डॉक्टर मौर्य के प्रयास से तीन घंटे में पैरों पर खड़ा हो गया पैरालिसिस मरीज
तुरंत उपचार मिलने पर परिजनों ने जताया हर्ष
CURATED BY – BHAGWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS
शाजापुर, पैरालिसिस अटैक से निढाल हुआ युवक जिला अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा तुरंत उपचार दिए जाने से तीन घंटे में ही अपने पैरों पर खड़ा हो गया। आश्चर्यजनक ढंग से युवक को मिले इस जीवनदान पर परिजनों ने डॉक्टर का आभार माना है। दरअसल ग्राम निपानिया करजू निवासी सुनील पिता रमेशचंद्र को शुक्रवार शाम को पैरालिसिस अटैक आया और इस अटैक के बाद सुनील के आधे शरीर ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया। परिजन सुनील को उपचार हेतु शाजापुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां मौजूद मैडिकल विशेषज्ञ डॉ जितेंद्र मौर्य और नर्सिंग ऑफिसर माधुरी मोरे ने मरीज को संभाला। डॉक्टर मौर्य द्वारा थंब्रोलाइसिस प्रक्रिया के तहत इलाज किया जिसके परिणाम स्वरूप महज तीन घंटे में ही सुनील के बैजान पड़े आधे शरीर मेें दोबारा से हलचल शुरू हुई और वह अपने पैरों पर खड़ा हो गया। शनिवार सुबह तक सुनील के स्वास्थ्य में 80 प्रतिशत तक सुधार देखा गया। डॉ मौर्य ने बताया कि सुनील 24 घंटे में पूर्णत: स्वस्थ्य हो जाएगा और इसके बाद 15 दिनों में सामान्य व्यक्ति की तरह ही अपने समस्त कार्यों को बअसानी कर सकेगा। वहीं सुनील के परिजनों का कहना है कि डॉक्टर मौर्य के द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी गई जिसके फलस्वरूप सुनील जल्द ही स्वस्थ्य हो सका है।
पैरालिसिस अटैक आने पर करें यह काम
पैरालिसिस अटैक आने पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में डॉक्टर मौर्य का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस तरह का अटैक आता है तो परिजनों को तुरंत ही उसे उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाना चाहिए, क्योंकि पैरालिसिस अटैक आने के तीन से चार घंटे में थंब्रोलाइसिस प्रक्रिया से उपचार मिलने पर मरीज 24 घंटे में ही स्वस्थ्य हो जाता है। जबकि इलाज में देरी पीडि़त व्यक्ति के लिए परेशानी का सबब बन सकती है और उसे लंबे समय तक बेड पर ही रहना पड़ सकता है। डॉक्टर मौर्य ने आमजन से अनुरोध किया है कि पैरालिसिस अटैक आने पर बिना देरी किए मरीज को उपचार हेतु अस्पताल ले जाएं, ताकि उसका समय पर इलाज हो सके।