भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान की बौखलाहट साफ नजर आ रही है। पाकिस्तान एलओसी से लगातार आम नागरिकों को निशाना बनाकर फायरिंग कर रहा है। गुरुवार को उसने 14वें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया है। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर हुई गोलीबारी में 13 नागरिकों की मौत हो गई और कुल 59 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को दी। मंत्रालय ने बताया कि कुल घायलों में से 44 पुंछ के हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाक की गोलीबारी हुई तेज
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा के पास कई सेक्टरों में भारी गोलीबारी कर रही है, जिसका भारतीय सेना मजबूती से जवाब दे रही है। उन्होंने कहा कि 7 और 8 मई की मध्य रात्रि में पाकिस्तान सेना की चौकियों ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पार छोटे हथियारों और तोपों से फायरिंग की।

दरअसल, भारतीय सेना ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया। वहीं कई दिनों से पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा था। भारत की कार्रवाई के बाद से पाकिस्तान ने एलओसी पर हमला तेज कर दिया है।

सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल
बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानियों को बंकरों में शरण लेना पड़ा। गोलीबारी की वजह से सीमावर्ती निवासियों में दहशत का माहौल है। अधिकारियों ने आदेश दिया है कि जम्मू क्षेत्र के पांच सीमावर्ती जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान गुरुवार को दूसरे दिन भी बंद रहेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर, एक नजर 
गौरतलब है कि 6 से 7 मई की दरमियानी रात को 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे तक सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। 25 मिनट के इस ऑपरेशन में 24 मिसाइलों के जरिए नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया। इन नौ ठिकानों में से पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे, वहीं चार पाकिस्तान में थे। इन ठिकानों में आतंकियों को भर्ती किया जाता था। उन्हें प्रशिक्षित किया जाता था। इतना ही नहीं भारतीय सेना के इस कार्रवाई में आतंकी मसूद अजहर के परिवार के दस लोगों की मौत हो गई।