CURATED BY – RAJIV KHARE | CITYCHIEFNEWS

रायपुर, छत्तीसगढ़ में आगामी पंचायत व नगरीय निकाय चुनाव इस बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में शहरी निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारी ने जोर पकड़ लिया है. इन चुनावों का आयोजन सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं से पहले किया जाना है। राज्य के शहरी प्रशासन मंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को ऐलान करते हुए कहा कि, इस बार पारंपरिक बैलेट पेपर प्रणाली से मतदान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ईवीएम की तैयारी में हो रही देरी के कारण यह निर्णय लिया गया है। 

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में ईवीएम की व्यवस्था में समय लगने की संभावना को देखकर राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। बैलेट पेपर का इस्तेमाल जनता के विश्वास को और बढ़ाएगा और इस संबंध में प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है।

चुनाव प्रक्रिया में बदलाव
इस बदलाव के साथ मतदाताओं को अब मतदान केंद्रों पर जाकर बैलेट पेपर पर अपने प्रत्याशी के नाम के आगे चिह्न लगाना होगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों में बैलेट पेपर की छपाई और वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
राजनीतिक दलों ने इस निर्णय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।कांग्रेस ने इसे जनता के हित में लिया गया कदम बताया और कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया में भरोसा मजबूत होगा। जबकि भाजपा ने इसे चुनावी प्रक्रिया को वर्तमान परिस्थितियों में उचित कदम कहा है। 

राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि बैलेट पेपर के इस्तेमाल के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, मतदान प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।

चुनाव आयोग जल्द ही नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। राज्य में पंचायत व नगरीय निकायों के लिए जल्द चुनाव होने जा रहे हैं, जिनमें नगर निगम, नगर पालिका और नगर व ग्राम पंचायत शामिल हैं।

इस निर्णय के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर पारंपरिक मतदान प्रक्रिया की ओर लौटता दिखाई दे रहा है, जो चुनावी प्रक्रिया में नई बहस को जन्म दे सकता है।