ब्रह्मोस और क्रिस्टल मेज मिसाइलों से थर्राया था पाकिस्तान
ऑपरेशन सिंदूर के नए खुलासे चौंकाने वाले
भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर करारा जवाबी हमला किया. यह मिशन एक सटीक, सुनियोजित और डिजिटल रणनीति पर आधारित था, जिसमें भारतीय वायुसेना, थलसेना और खुफिया एजेंसियों के बीच गहरा तालमेल देखने को मिला.
ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया. इस दौरान भारतीय सेना ने न केवल आतंकियों के अड्डों को खत्म किया, बल्कि पाकिस्तान की एयर डिफेंस सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया, जिससे उसके सैन्य संतुलन को बड़ा झटका लगा.
एयर स्ट्राइक में किया इन मिसाइलों का इस्तेमाल
ऑपरेशन में लॉन्ग रेंज मिसाइल स्ट्राइक का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के रणनीतिक ढांचे को कमजोर किया गया और उसकी रक्षा प्रणाली को पंगु बना दिया गया. सूत्रों के अनुसार, विशेष रूप से इस ऑपरेशन में छह SCALP सबसोनिक क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिनके जरिए जैश-ए-मोहम्मद के मजबूत बंकरों को सटीकता से निशाना बनाकर तबाह किया गया.
राफेल विमानों की रही अहम भूमिका
ये मिसाइलें दुश्मन के रडार से बचकर गहरी पैठ बनाते हुए लक्ष्य पर सटीक वार करने में सक्षम हैं. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, भारत ने पूरे ऑपरेशन के दौरान 19 ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया गया. चार दिनों तक चले इस अभियान में भारत ने आधुनिक व मल्टी-लेयर हथियार प्रणालियों का प्रयोग किया. इस पूरे ऑपरेशन में भारत के सबसे आधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों की अहम भूमिका रही.
पाकिस्तान में ठिकानों पर सटीक हमले
राफेल विमानों ने अपनी सुपीरियर एवियोनिक्स, लॉन्ग रेंज स्टैंड ऑफ वेपनरी और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने राफेल और SU-30MKI जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया. इन विमानों ने SCALP और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों से सुसज्जित होकर पाकिस्तान के विभिन्न ठिकानों पर सटीक हमले किए.
विशेष रूप से, पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र और सियालकोट के सरजल कैंप को निशाना बनाया गया. इन हमलों में पाकिस्तान के नौ प्रमुख आतंकी ठिकाने नष्ट हो गए, जिससे 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए.
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और भारत की जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में अपने हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय S-400 एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य काउंटर-यूएवी तकनीकों ने इन हमलों को नाकाम कर दिया. इसके बाद, भारत ने लाहौर के पास स्थित चीनी निर्मित HQ-9 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को नष्ट करके पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि उसकी हर हरकत का जवाब दिया जाएगा.
ऑपरेशन की सफलता और पाकिस्तान की हार
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की योजनाओं को ध्वस्त कर दिया. पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन ‘बुनयान अल-मरसूस’ की शुरुआत की थी, जिसमें 48 घंटों में भारतीय वायुसेना को नष्ट करने का दावा किया गया था. लेकिन भारतीय हमलों के बाद यह अभियान केवल 9 घंटे में समाप्त हो गया. इससे पाकिस्तान को सीजफायर की मांग करनी पड़ी.
ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी सीमाओं से परे जाकर कार्रवाई करने में सक्षम है. इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. यह ऑपरेशन भारतीय सैन्य रणनीति और तकनीकी क्षमता का प्रतीक बन गया है.