मध्य प्रदेश में पांच साल में 61 हजार से अधिक लड़कियां लापता
3,241 का अब तक नहीं चला सुराग
भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले पांच वर्षों के दौरान लड़कियों के लापता होने के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। विधानसभा में पूछे गए एक लिखित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच राज्यभर में 61,112 लड़कियों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए। इनमें से 3,241 लड़कियों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है, जबकि शेष मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया है।
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी नाबालिग लड़की के लापता होने पर अपहरण का मामला दर्ज किया जाता है, ताकि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और पुलिस तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर सके।
हर साल बढ़े लापता होने के मामले
विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में सबसे अधिक 13,146 लड़कियों के लापता होने के मामले सामने आए। इससे पहले 2024 में 11,907, 2023 में 11,250, 2022 में 9,093 और 2021 में 9,407 मामले दर्ज किए गए थे। आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों में इस तरह की घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज हुई है।
61,498 लड़कियां सुरक्षित बरामद
सरकार द्वारा प्रस्तुत पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इसी अवधि में 61,498 लड़कियों को खोजकर सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। इस संख्या में वे मामले भी शामिल हैं, जो पिछले वर्षों से लंबित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 की शुरुआत में 3,627 मामले पहले से लंबित थे, जिन पर भी पुलिस ने कार्रवाई की।
2026 में भी बढ़ रहे मामले
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि 2026 के शुरुआती पांच महीनों में ही राज्य में 6,309 लड़कियों के लापता होने के नए मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में पुलिस जांच और तलाश अभियान जारी है।
वर्षवार आंकड़े (2021-2025)
2021: 9,407
2022: 9,093
2023: 11,250
2024: 11,907
2025: 13,146
कुल लापता लड़कियां (2021-2025): 61,112
अब तक लापता: 3,241
सुरक्षित बरामद: 61,498
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