जैन सन्त की हत्या से आक्रोशित जैन समाज ने दिया ज्ञापन
मांगे न माने जाने पर जैन समाज करेगा आंदोलन
Curated by – NAVIN MEHAR | CITYCHIEFNEWS
धार, निप्र गौरतलब है कि कर्नाटक में जैन संत कामकुमार नंदी की हत्या से पूरे देश का जैन समाज आक्रोशित हो गया है इस संबंध में धार नगर के समग्र जैन समाज ने मुनि श्री आदित्य सागर जी की प्रेरणा से 14 जुलाई शुक्रवार को दोपहर 1:00 बजे कंट्रोल रूम में एकत्रित होकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया, माननीय प्रधानमंत्री, कर्नाटक के मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र कलेक्टर महोदय के माध्यम से दीया मौके पर नायब तहसीलदार सोनीका सिंह को दिया जिसमे मुख्य मांगे पूज्य मुनि श्री 108 कामकुमार नंदी जी मुनिराज की हत्या की साजिश का जल्द से जल्द खुलासा हो,निर्मम हत्या का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुना जाएँ,राष्ट्रीय स्तर पर विहार के दौरान व चातुर्मास में जैन संतों की एवम जैन धर्मावलंबियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो,केंद्र व सभी प्रदेशो मे जैन संरक्षण एवं सुरक्षा आयोग का गठन हो,सामाजिक-धार्मिक अधिकारों की रक्षा सरकारें सुनिश्चित करें।
मीडिया प्रभारी पारस जैन गंगवाल ने बताया कि जैन समाज अपने धार्मिक तीर्थो,धार्मिक स्थलों,जैन सन्तो व धर्मावलंबियों की सुरक्षा के लेकर पहले ही बहुत चिंतित है ऐसे में सन्त की निर्मम हत्या आक्रोशित करने वाली व चिंता बढ़ाने वाली घटना है साथ ही ऐसे में कर्नाटक समेत सभी केंद्र सरकार व सभी मुख्य दलों की खामोशी निराशाजनक है,जैन समाज इस सब को अब सहने वाला नही है अगर समाज की मांगे नही मानी गयी तब अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए फिर से शिखरजी आंदोलन जैसा बड़ा आंदोलन पुनः खड़ा करना पड़ा तो हम पीछे नही हटेंगे ज्ञापन देते समय दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष अशोक कासलीवाल स्थानक जैन समाज अध्यक्ष अशोक बाफना श्वेतांबर समाज अध्यक्ष प्रकाश बाफना पोरवाल समाज अध्यक्ष शैलेंद्र जैन श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष वर्धमान सुराना मानतुंग गिरि अध्यक्ष नरेश गंगवाल आहू पार्श्वनाथ क्षेत्र अध्यक्ष पवन जैन गंगवाल कागदीपुरा अध्यक्ष विनय छाबड़ा वैश्य समाज के महेश माहेश्वरी विजय मेहता द्वारा हस्ताक्षर सहित ज्ञापन दिया गया इस अवसर पर दिगंबर जैन महिला मंडल अध्यक्ष मंजू गोधा सहित अनेक महिलाएं व समाज जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे ज्ञापन का वाचन स्थानक जैन समाज अध्यक्ष अशोक बाफना ने किया जानकारी मीडिया प्रभारी पारस जैन गंगवाल ने दी।