CURATED BY – YASHPAL SINGH JAT | CITYCHIEFNEWS

अनुपपुर, अनुपपुर जिले की जनपद पंचायत जैतहरी की ग्राम पंचायत बेलबहरा  का है ये मामला , आर के भवन निर्माण सामग्री के नाम से कई लाख के बिल ग्राम पंचायत बेलबाहरा में पास हो गए जब ये दुकान है ही नही या यू कहे की जिस दुकान का अस्तित्व ही नहीं है उस दुकान से ग्राम पंचायत में खरीदी भी हो गई भुगतान भी हो गया बस सामान नहीं पहुंचा ,क्युकी जब दुकान है ही नही तो समान कहा से आएगा , ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच एवम आरके मेडिकल के संचालक द्वारा मिलकर शासकीय राशि  की निकासी फर्जी बिल लगा कर की गई एवम उस राशि का बंदर बाट कर लिया गया।
आरके मेडिकल सिर्फ एक मेडिकल स्टोर है जो की जनपद पंचायत के पास स्थित है इसके अलावा आरके इलेक्ट्रॉनिक आरके भवन निर्माण सामग्री पूरे जैतहरी में कही भी नही है , मजे की बात तो ये है की मेडिकल स्टोर के मालिक का नाम खाता no ओर यह तक की मोबाइल नंबर भी एक ही है कही वो  सेनेटाइजर पंचायत में भेज देता है तो कभी रेत ईट गिट्टी इस आर के मेडिकल वाले के पास जादू की छड़ी है  शायद  की जब बेलबहरा सचिव और सरपंच ने बोला गिट्टी चाहिए तो आर के मेडिकल वाले ने जादू की छड़ी गुमाई ओर दवाई से गिट्टी बना कर दे दी । ये कोई  मामूली सा भ्रष्टाचार या बंदरबाट का मामला नही है ये एक देशद्रोह का मामला है ,क्युकी ये सीधे सीधे करदाताओं की मेहनत की राशि को धोखाधड़ी कर इस्तेमाल करने का मामला  और शासकीय राशि हड़प कर गरीब जनता का हक मारने का मामला है,इस कारण इस भ्रष्टाचार एवं धोखाधड़ी के जो जो करता धर्ता है उन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
इस मामले की ओर जानकारी निकालते समय एक बात ये भी पता चली की इस भ्रष्टाचार एवं इस धोखाधड़ी का खुलासा करने के लिए 
जब ग्राम पंचायत के एक निवासी ने आरटीआई का सहारा लिया तो सीईओ साहब ने ये कहते हुए जवाब देने से इंकार कर दिया की सब रिकॉर्ड जल गया है ।। इससे ये स्पष्ट है की आर के मेडिकल संचालक ग्राम पंचायत सचिव सरपंच एवम सीईओ साहब इस भ्रष्टाचार एवं धोखाधड़ी को छुपाना चाहते है और इन सभी ने इस शासकीय राशि का बंदरबाट किया है।