श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पवित्र अवसर पर स्थानीय मानस भवन सभागार में भक्ति संगीत और नृत्य नाटिका श्रीकृष्ण की प्रस्तुति
मनमोहक एवं आकर्षक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोहा
CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS
दमोह, राज्य शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मानस भवन में श्रीकृष्ण आख्यान की कला अभिव्यक्तियां कार्यक्रम को प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। श्री कृष्ण पर्व के इस अवसर पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व वित्तमंत्री एवं दमोह विधायक श्री जयंत कुमार मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, सीइओ जिला पंचायत अर्पित वर्मा, अपर कलेक्टर मीना मसराम, एसडीएम आर. एल. बागरी, सीएससी अभिषेक तिवारी , धीरज कुमार परिवर्तन हेल्थ एंड एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण मौजूद थे।
इस एक दिवसीय समारोह में दिल्ली की ममता रानी जोशी और साथी कलाकारों ने भक्ति संगीत पेश किया वहीं जबलपुर की शालिनी खरे एवं साथी कलाकारों ने नृत्य नाटिका श्रीकृष्ण की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके पश्चात स्थानीय कलाकारों ने गायन/नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। यह कार्यक्रम भोपाल सहित मध्य प्रदेश के 16 स्थानों पर श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन किये गये है।
शालिनी खरे के दल ने गणेश रक्षास्त्रोत पर आधारित कथक नृत्य की प्रस्तुति से समारोह का आगाज किया। नृत्य गुरु शालिनी खरे के साथ पूजा रायकवार, कृति ठाकरे, योशिता सिंह ने अपनी प्रस्तुति के क्रम को आगे बढ़ाते हुए द्रौपदी चीर हरण को गतभाव में मंच पर उतारा। कथक में गतभाव अभिनय के साथ एक कहानी का चित्रण है। महाभारत की प्रसिद्ध द्रौपदी चीर हरण कथा को शालिनी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने एकल प्रस्तुति के माध्यम से महाभारत के सभी पात्रों को मंच पर जीवंत किया। सभा को विस्तार देते हुए तीनताल आधारित कथक प्रस्तुति तराना की दी। इसके पश्चात राधा-कृष्ण होली जिसके बोल रंग डालूंगी नंद के लालन पे... थे, पेश किया। प्रस्तुति में दिखाया कि राधा, सखियों के साथ मिलकर कृष्ण को रंग लगाने की योजना बनाती हैं। कृष्ण भी सखाओं के साथ उन्हें रंग लगाने पहुंच जाते हैं। राधा, सखियों के साथ मिलकर कृष्ण को तंग करती हैं।
इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए ममता रानी जोशी ने अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं को भक्ति रस से भिगो दिया। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान संगीत नाटक अकादमी युवा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित ममता ने मीरा जहर का प्याला पी गई रे... गाकर मीरा के कृष्ण के प्रति प्रेम का वर्णन किया। सुधीजनों के लिए उन्होंने प्रेम और भक्ति से भरा गीत अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम्... और मेरा कान्हा सखियां संग रास रचाई... गीत पेश किया। कार्यक्रम को विस्तार देते हुए वृंदावन की गलियों में श्याम तेरा ही ठिकाना है..., हाथ खड़ताल पैरा विच विच घुंघरू मीराबाई नचदी... और फूलों में सज रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी... गीत गाकर दमोह के श्रोताओं को मानो बृज की पावन धरा के साक्षात दर्शन करा दिए। श्रीकृष्ण के प्रेम से भरे श्रोताओं को उन्होंने राधे मुझे ब्रिज का बना दे..., नाचना में नचना श्याम दे नाल... और होरी खेलूंगी नंदलाल... गीत के माध्यम श्याम रंग में रंग दिया। इसके पश्चात कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा.. गीत की प्रस्तुति दी। उनके साथ हारमोनियम पर भुवन शर्मा, ढोल पर रोशन लाल, तबला पर सुमित कुमार, की-बोर्ड पर हर्ष, खड़ताल पर भवरू खान ने संगत दी। स्थानीय कलाकारों में दमोह के भूपत सिंह लोधी और साथी कलाकारों ने बुंदेली लोक नृत्य राई और दमोह की भागवती बाई और साथी कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर नर्मदा सिंह एकता, तहसीलदार मोहित जैन, नगर पालिका अधिकारी रितु पुरोहित, जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा, जन अभियान परिषद समन्वयक सुशील नामदेव, शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी कपिल खरे, सम्मानीय मीडियाजन सहित बड़ी संख्या में नागरिक, महिलायें मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात रंगकर्मी राजीव अयाची एवं डॉ आलोक सोनवलकर तथा विपिन चौबे ने किया।
देश
दुनिया
मनोरंजन
खेल
छत्तीसगढ
हरियाणा
दिल्ली
धार्मिक
व्यापार
टेक & ऑटो
शिक्षा
स्वास्थ्य
आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
सिक्किम
ओड़िशा
झारखंड
असम
नागालैण्ड