CURATED BY – GAURAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS

सहारनपुर, कभी अचानक ही कोई  महानायक सामने आ जाए तो हमारी प्रतिक्रिया का भाव ही अलग होता है। बस ऐसे ही आज़ नेशन बिल्डर्स अकादमी में वीर मराठा सरदार छत्रपति शिवाजी महाराज के अचानक बच्चों के बीच आ जाने पर हुआ और अनूठे अंदाज में छत्रपति शिवाजी की जन्मजयंती पूरे जश्न के साथ मन गई। हुआ यूं कि जैसे ही एसेंबली बेल बजने पर प्रार्थना के लिए इकठ्ठा हुए बच्चों ने जैसे ही हाथ जोड़े तभी मंच पर छत्रपति शिवाजी महाराज आ गए  और गुरुदेव समर्थ गुरु रामदास से मां जीजा बाई की इच्छा पूरी करने के लिए सिंहगढ़ विजय करने के लिए अपने सेनापति ताना जी के साथ प्रस्थान की अनुमति मांगी। गुरुदेव की अनुमति मिलते ही उन्होंने जयवीर मराठा का जयघोष किया तो फिर क्या था, सभी शिक्षक व छात्र देर तक जय वीर मराठा और छत्रपति शिवाजी महाराज की जय, वीर माता जीजाबाई की जय, सेनापति ताना जी की जय भारत माता की जय के नारे लगाते रहे। वीर शिवाजी का अप्रत्याशित रूप से अचानक सबके बीच आ जाना सबके लिए अनूठा अनुभव था। छात्रों ने मराठा साम्राज्य वासियों के रूप में उन्हें मालाएं पहनाकर सिंहगढ़ विजय के लिए विदा किया। मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योग संस्थान द्वारा संचालित योग एवं देश भक्ति पर आधारित इस अनूठे स्कूल नेशन बिल्डर्स अकादमी में आज मौजूद गुरु माता इष्ट शर्मा ने बच्चों को बताया कि नाटक  और हकीकत में यही अंतर होता है। अभिव्यक्ति कला ही अभिनय की जान होती है। उन्होंने कहा कि नाटक की सफलता यही है कि वह सत्य लगने लगे। उन्होंने इसके साथ ही छत्रपति शिवाजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि माता की मनोकामना पूरी करना और गुरु भक्ति के  साथ बहादुरी के साथ युद्ध कौशन और नीति हमे शिवाजी महाराज से सीखने चाहिए। आत्म विश्वास और छापा मार युद्ध नीति से शिवाजी ने मुगलों की बहुत बड़ी सेना को परास्त करते हुए अपना दुर्ग वापस जीत लिया। शिवाजी की जन्म जयंती पर ये अपनी तरह का अनूठा आयोजन था। देश भक्ति पूर्ण माहौल में छात्रों ने शिवाजी का रोल कर रहे छात्र गिरीश के साथ खूब सेल्फी भी ली। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के अलावा मुख्यत: सुरभि सेठी मिथलेश शर्मा, गरिमा शर्मा, यशोदा, राधिका, आस्था वर्मा, अजय यादव, रीटा और राम आदि मौजूद रहे।