तीन अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन वर्मा रोकेगा रेल :- आसिम मलिक
किसान अपने हक को हासिल करने के लिए हर तरह से है तैयार : आसिम मलिक
CURATED BY – GAURAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS
सहारनपुर, भारतीय किसान यूनियन वर्मा के जिला कार्यालय पर एक बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा के प्रदेश महामंत्री आसिम मलिक ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की घोर उपेक्षा की जा रही है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की इस उपेक्षा को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा सहारनपुर में तीन अक्टूबर को रेल रोकने का काम करेंगा। आसिम मलिक ने कहा कि किसान महफूज गार्डन चिलकाना रोड भारतीय किसान यूनियन वर्मा के कार्यालय पर इकट्ठा होकर रेलवे स्टेशन की तरफ कूच करेंगे। मलिक ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। इस देश में सबसे ज्यादा दुखी अन्नदाता किसान है। जिसकी सरकार लगातार अनदेखी कर रही हैं। जिसका हर्जाना सरकार हरियाणा चुनाव व उत्तर प्रदेश के चुनाव में भुगतेगी। आसिम मलिक ने कहा कि सरकार किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य तो दूर लागत मूल्य भी नहीं दे पा रही है। मलिक ने कहा कि सरकार ने अभी तक एमएसपी गारंटी कानून नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं दिलाया जाएगा तब तक किसान ऐसे ही सड़कों पर आकर आर-पार की लड़ाई लड़ते रहेंगे। मलिक ने कहा कि आगामी 3 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन वर्मा संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन को सफल बनाने के लिए सहारनपुर में रेल रोकेंगे। आसिम मलिक ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है। मलिक ने कहा कि सरकार को समय रहते हुए किसानों को एमएसपी पर गारंटी कानून बना देना चाहिए अन्यथा इसका हर्जाना सरकार को पूरे देश में भुगतना पडेगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा के महानगर अध्यक्ष ज़हीर तुर्की ने कहा कि आंदोलन को धार देने के लिए हम किसान लगातार जन सभाएं कर रहे हैं और ऐसे ही आंदोलन को मजबूत करेंगे तथा किसानों के लिए आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे। संचालन जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह एडवोकेट ने किया। बैठक में मंडल प्रभारी दुष्यंत सिंह, फैज खान, रजत शर्मा, पंती गुर्जर, गौरव शर्मा, शुभम कुमार, सुमित वर्मा, कुलवंत सिंह, जुबेर खान, ऋषभ गुज्जर, अकमल गौर, अश्वनी, पंकज ठाकुर, सुमित सिंह, प्रवीण चौधरी, राजेंद्र, चौधरी, वैभव आदि मौजूद रहे।