कोलंबो. टीम इंडिया अगले साल होने वाली चैम्पियन्स ट्रॉफी की तैयारियों में जुट गई है. वह इस टूर्नामेंट से पहले चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए अपने 15 खिलाड़ियों की पहचान का काम शुरू करेगी. इसके साथ ही टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकता यह भी होगी कि वह टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज पर फैसला करे.

दिसंबर 2022 में हुए भयानक कार हादसे से उबर कर युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अब टीम में लौट आए हैं, जबकि उनके बगैर खेल रही टीम इंडिया में यह जिम्मेदारी केएल राहुल ने बखूबी निभाई थी. वह वनडे वर्ल्ड कप 2023 में भी इस रोल में बखूबी खुद को साबित करते आए थे. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि गौतम गंभीर के नेतृत्व में नया भारतीय टीम मैनेजमेंट राहुल द्रविड़ की तरह राहुल पर ही भरोसा दिखाता है या फिर वह पंत को मौका देना चाहेंगे.

इस सीरीज में कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पर भी निगाहें टिकी रहेगी जो टी20 विश्व कप में जीत के बाद पहली बार कोई मैच खेलेंगे. भारतीय टीम मैनेजमेंट बाहर हो रहीं बातों पर ध्यान दिए बगैर सही टीम कॉम्बिनेशन तैयार करने पर ध्यान लगाएगा. क्योंकि उसका फोकस अगले साल चैम्पियन्स ट्रॉफी और फिर 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर होगा.

अगर गंभीर और कप्तान रोहित पंत और केएल राहुल दोनों बल्लेबाजों को ही अंतिम एकादश में बनाए रखने का फैसला करते हैं तो तब उन्हें इस पर विचार करना होगा कि श्रेयस अय्यर को कैसे टीम में फिट किया जाए जो 50 ओवरों की क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं. इस तरह से देखा जाए तो भारतीय बल्लेबाजी क्रम में दो स्थान के लिए राहुल, पंत और अय्यर के बीच मुकाबला है. अगर भारत इन तीनों को टीम में रखता है तो फिर उसे पांच गेंदबाजों के साथ उतरना होगा.

भारत हालांकि इस तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहेगा क्योंकि हार्दिक पंड्या निजी कारणों से इस सीरीज में नहीं खेल रहे हैं. भारत नंबर छह बल्लेबाज के रूप में शिवम दुबे या रियान पराग में से किसी को मौका दे सकता है.

इसमें पराग का पलड़ा भारी लग रहा है क्योंकि उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ हाल में समाप्त हुई टी20 सीरीज में गेंदबाज की भूमिका भी निभाई थी. असम के इस खिलाड़ी ने 50 ओवरों की घरेलू प्रतियोगिता देवघर ट्रॉफी में भी अच्छा प्रदर्शन किया था. दूसरी तरफ पांच साल पहले वनडे मैच खेलने वाले दुबे ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज में केवल एक मैच खेला और उसमें भी उन्होंने गेंदबाजी नहीं की.

गंभीर इसके अलावा रोहित और कोहली के प्रदर्शन पर भी निगाह बनाए रखेंगे क्योंकि उन्होंने 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए टीम तैयार करनी है. इन दोनों खिलाड़ियों ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल के बाद कोई वनडे मैच नहीं खेला है और वह 50 ओवरों के फॉर्मेट में शानदार वापसी करने के लिए बेताब होंगे.