CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS

शहडोल, संभाग मुख्यालय का सुप्रसिद्ध मोहन राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन हेतु हाईकोर्ट से के निर्देश पर नियुक्त स्वतंत्र समिति ने उच्च अधिकारियों को व पुलिस को शिकायत की है कि मोहन राम मंदिर में पूर्व ट्रस्टी अराजकता का माहौल गिरोह निर्मित किए हुए हैं मामले की शिकायत एडीजीपी, कलेक्टर, एसपी, एसडीएम एवं पंजीयक लोक न्यास सोहागपुर सहित थाना कोतवाली शहडोल में की गई हैं उक्त शिकायत स्वतंत्र समिति के सदस्य एडवोकेट रमेश त्रिपाठी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बतलाया है कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के प्रकरण क्रमांक FA-177/2012 मे पारित आदेश दिनांक 02.11.2012 के पालन मे अनुविभागीय अधिकारी एवं पंजीयक लोक न्यास सोहागपुर शहडोल के द्वारा दिनांक 30.01.2013 एवं संशेधित आदेश दिनांक 31.01.2023 के द्वारा श्री रघुनाथ जी रामजानकी शिव पार्वती मोहनराम मंदिर ट्रस्ट के दैनिक कार्यो एवं परिसम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु स्वतंत्र समिति का गठन किया गया है । उक्त समिति के द्वारा ही दिनांक 31.01.2013 से कार्य का सम्पादन किया जा रहा है। दरअसल माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा अपने उक्त आदेश में स्पष्ट तौर पर आदेशित किया गया है कि मंदिर के किया कलापों एवं ट्रस्ट मे एन.भास्कर राव, रोहिणेश्वरप्रपन्नाचार्य, हर प्रसाद पाण्डेय एवं पूर्व ट्रस्टियों का कोई हस्तक्षेप नही रहेगा। इसके पश्चात माननीय उच्च न्यायालय ने रिब्यू पिटीशन क्रमांक 895 / 2012 मे जारी आदेश के मुताबिक अनुविभागीय अधिकारी द्वारा गठित स्वतंत्र समिति के द्वारा ही ट्रस्ट का सम्पूर्ण कार्य सम्पादित किया जावेगा। जिसका पालन कराएं जाने की जगह जारी आदेश का उल्लघंन किया गया है।
इतना ही नहीं जिला मुख्यालय पर ही माननीय उच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेश की खुलेआम अवहेलना करते हुए पूर्व ट्रस्टी रोहिणेश्वर प्रपन्नाचार्य लवकुश शास्त्री, गिरजाशरण दास,  चन्द्रेश द्विवेदी, जगदीश प्रसाद मिश्रा, पवन राव,  राजकुमार खरया, जीतेन्द्र सिंह एवं रामावतार गुप्ता के द्वारा निरंतर मंदिर एवं ट्रस्ट की गतिविधियों में हस्तक्षेप किया जा रहा है तथा मंदिर की सम्पत्ति पर किये गये अतिक्रमण के संबंध मे अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्यवाही न हो उन्हे संरक्षण देने का काम किया जा रहा है मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व ट्रस्टियों के द्वारा विगत 10 वर्ष से ट्रस्ट का प्रभार भी स्वतंत्र समिति को नही दिया जा रहा है, जिससे मंदिर परिसर मे अराजकता का वातावरण बना हुआ है। उपरोक्त स्वयं भू घोषित ट्रस्टियों के द्वारा स्वयं को अवैध तरीके से स्थापित करने की बदनियति से दिनांक 03.07.2023 को मंदिर की उस दीवाल मे वर्ष 2012 लिखकर पूर्व ट्रस्टियों की सूची सिलालेख मे माध्यम से लगाई गई है जिस दीवाल का निर्माण ही वर्ष 2018-2019 में हुआ है जबकि शिलालेख मे जिन ट्रस्टियों का नाम लिखा गया है उसे वर्ष 2012 में ही माननीय उच्च न्यायालय ने प्रथक कर स्वतंत्र समिति का गठन कर दिया है । इस प्रकार से उपरोक्त लोगों के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की खुलेआम अवहेलना करते हुए मंदिर की परिसंम्पत्तियों को खुर्द बुर्द किया जा रहा है। बहरहाल वर्तमान जिला एवं पुलिस प्रशासन के संज्ञान में यह जानकारी होना आवश्यक है कि पूर्व ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष लवकुश प्रसाद शास्त्री को तत्कालीन तहसीलदार, एसडीएम, राजस्व निरीक्षक पटवारी आदि के द्वारा बलपूर्वक सभी तत्कालीन ट्रस्ट के पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रभार दिलाया गया था किन्तु लवकुश प्रसाद शास्त्री के द्वारा वर्तमान में कार्यरत स्वतंत्र समिति को प्रभार आज तक नही दिया गया है और माननीय उच्च न्यायालय की मंशा के विपरीत भ्रम का वातावरण पैदा किये हुए है मंदिर की प्रत्येक गतिविधियों में स्वयं को ट्रस्टी बताकर हस्तक्षेप करते है इसी कडी मे ग्राम शहडोल स्थित भूमि खसरा नम्बर 138 को कूटरचित तरीके से मोहन राम मंदिर ट्रस्ट के बजाय चित्रकूट पुरानी लंका के नाम से करा दिया गया है और उक्त भूमि पर न्यायालय के स्थगन के बाद भी अवैध तरीके से निर्माण कर उक्त आराजी पर कब्ज़ा कर उसका सम्पूर्ण लाभ चित्रकूट भेजा जा रहा है । यदि इस संदर्भ मे तत्काल कार्यवाही नही हुई तो इस अवैधानिक गिरोह का किसी दिन सम्पूर्ण मंदिर मे कब्जा हो जावेगा।
स्वतंत्र समिति के सदस्य एडवोकेट रमेश त्रिपाठी के मुताबिक माननीय न्यायालय के जारी आदेश का परिपालन में मामले में रोहिणेश्वर प्रपन्नाचार्य, लवकुश शास्त्री, गिरजाशरण दास, चन्द्रेश द्विवेदी, जगदीश प्रसाद मिश्रा, पवन राव, राजकुमार खरया, जीतेन्द्र सिंह एवं रामावतार गुप्ता के विरूद्ध अपराध कायम कर कार्यवाही की जानी चाहिए।
प्रतिक्रिया...
2013 में बनी कमेटी को दस वर्ष बीत चुके हैं उच्च न्यायालय के दखल के बाद भंग कमेटी दबंगई से पुनः स्थापित हो गई है अतिक्रमण समेत आर्थिक अनियमितताएं व्याप्त है साथ-साथ जिला एवं पुलिस प्रशासन उच्च न्यायालय के जारी आदेश के परिपालन करा पाने में फेल है जिसके चलते ही उच्च न्यायालय के आदेश के विपरित परिसर एवं ट्रस्ट की भूमि पर कार्य किए जा रहे हैं।
रमेश त्रिपाठी, स्वतंत्र समिति सदस्य, श्री रघुनाथ जी मोहनराम मंदिर
मामले में कलेक्टर शहडोल के नंबर 07587966300 पर मामले में प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
तरुण भटनागर, कलेक्टर शहडोल