फर्जी कंपनी वास्तुलैंड रेलटर्स प्राइवेट लिमिटेड का मालिक कुख्यात भूमाफिआ संजय पिता बाबूराव केकड़े ने किसानो के साथ की ठगी
विंध्यांचल कालोनी के प्लाट खरीददारों के साथ फिर से हो रही ठगी
इंदौर, वस्तुलैंड रेलटर्स प्राइवेट लिमिटेड इंदौर मे करोडो का घपला कर के भागी कंपनी जिसके निदेशक योगेश बाबूराव कैकड़े, संजय बाबूराव कैकड़े, कृष्णा केशवराव केकड़े और संतोष केशराव केकड़े हैं वस्तु लैंड महाराष्ट्र (फडउ) मे रजिस्टर्ड आॅफ कंपनी है सबसे पहले कम्पनी ने इंदौर मे लोगो को प्लाट स्कीम का सब्ज बाग दिखा कर फशाने के लिये चका चौन्द वाला आॅफिस खोल कर और अपनी टीम के द्वारा लोगो को नक़्शे मे भी प्लानिंग दिखा कर मार्केटिंग के द्वारा बड़े बड़े बैनर वा होर्डिंग ब्रोशर छपावकर भोली भाली जनता को कॉलनियो मे इन्वेस्टमेंट का झाँसा दे कर लोगो से पैसा ले कर गायब हो गया दरसल प्लाट खरीदारों को इस कदर ठगा ना ही आज तक उनको प्लाट मिले थे और ना ही पैसे प्लाट खरीदने वाले खरीदार अब करे तो क्या करे पुलिस प्रशासन आदि के चक्कर लगा कर थक चुके थे पर पुलिस प्रशान सुनने के लिये तयार नहीं था जैसे तैसे कंपनी एक्ट मे सुनवाही हुई वस्तुलैंड रियाल्टर्स प्राइवेट लिमटेड फर्जी कंपनी को पूरी तरह से दिवालिया घोसित कर दिया गया कंपनी के काम काज को अवैध बताया गया वहीं संजय वाबूराव केकडे किसानो से जैसे तैसे जमीने हथियाने मे माहिर था किसानो को झांसा दे कर कैसे भी रजिस्ट्रीयाँ करा ली और तो और कुछ किसान तो शायद इस ठगी से भी अंजान थे कुख्यात शातिर भूमाफिया वस्तुलैंड रियाल्टर्स प्राइवेट लिमटेड का डायरेक्टर संजय पिता बाबूराव केकडे ने इतना बड़ा फ्राड किया किसानो की आसपास की जमीन खरीदे बिना ही और जमीनो की रजिस्ट्री करवाये बिना ही (ळठउढ) नक्शा मे खसरे नंबर डलवा कर नक्शा पास करा कर छूठा ही कई सौ ऐकड़ की कॉलोनी बता कर किसानो के साथ साथ प्लाट खरीदारों के साथ भी छल करके उन सभी खरीदारों के भी खून पसीने की गाढी कमाई को संजय पिता बाबूराव केकड़े ने प्लाट के नाम पर इन्वेस्टमेंट कर छला था दर्सल ये पूरा मामला भूमि महू तहसील उप तहसील सिमरोल ग्राम गौकन्या किसान विजय पिता रामभरो से तिवारी की इन खसरो की भूमि क्रमांक (72, 190, 191, 181/1, 183, 184, 185, 186, 189, 121/1, 118, 187) 420 से धोखेबाजी कर जाल सजी से (ळठउढ) कार्यालय संयुक्त संचलक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यलय इंदौर (म.प्र) से 2010 मे ही नक्से मे खसरो को केवल टाइप कर पास करवा लिया था जो की पूरी तरह अवैध हैं जब की एक ही किसान नहीं कई किसानो को इस पूरे फर्जी वाड़ा की भनक तक नहीं थी इतनी बड़ी धोखा धड़ी कर इंदौर से भगोड़ा भाग गया हैं जिसकी कम्प्लेन शाशन और प्रशाशन स्तर मे की जा चुकि है पहले से ही संजय बाबू राव केकडे के खिलाफ प्रशासन वा पुलिस मे अनगिनत शिकयते दर्ज की जा चुकि हैं इसके बाबजूद पुलिस और प्रशाशन की नाक के नीचे बाले बाले बची हुई जमीनों वा कॉलोनीयों का वा प्लाटो का सेटलमेंट करके निकल जाता हैं इस पूरे 420 कृत्य मे अधिकारी वा कुछ जमींन जादूगरो के शामिल होने की आशंका हैं जिसे जमीन मालिक किसान द्वारा कई विभागों मे शिकायत की जा चुकि हैं और ऐसे मे भी कई भूमाफियाँ विवदित कंपनी एक्ट मे उलक्षी कंपनी सेटलमेंट का दावा करते है तथा पहले ही वास्तुलैंड रेलटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्लाटो की अफरा तफरी कर चुके है जब की पूरी कंपनी हर तरह से अपने को दिवालिया घोषित कर चुकी है कुछ जमीन के जादूगर भूंमाफिया फिर से इन खसरो की उलक्षी हुई जमीन जिनमे बहुत सारे किसानो की कब्जार्ई और अवैध तारिके से नक़्शे मे दशार्ये खसरो की भी जमीन शामिल करली है जिन खसरो को नक़्शे मे चारसौबीसी कर लिख गऐ है उन सभी जमीनो पर रोड ड्रेनज आदि डेवलोपमेन्ट दिखया जा रहा है वह कंपानी की है ही नहीं और फिर से उसे कुछ भूमाफिया कंपनी सेटलमेंट बता कर साज सज्जा कर डेवलोपमेन्ट दिखा कर प्लाटो को जो की पहले से ही ठगे हुए प्लाट खरीदारो को फिर से उन्हें ठग कर बेचा जा रहा है जिसकी भनक तक पूर्व के प्लाट खरीदारों को नहीं है जो पूरी तरह छल है दिवालिए कंपनी वास्तुलैंड रेलटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जो की अपने अस्तित्व खो चूकि है फिर से नई तरीके से लोगो को झांसे मे फशाने और पूर्व नाम विन्द्यांचल कॉलोनी के प्लाट बेचने मे लगी है अत: सावधान रहने की अवश्यकता है फर्जी कंपनी इन खसरो पर कॉलोनी के प्लाट फिर से बेच रही है जो इस तरह है 73, 74, 75/2, 75/4, 76/2, 198/1/2, 197/2, 197/3, 198/1/3, 197/5, 198/1/5/1, 197/4, 198/1/4, 194/2, 195/2, 196, 197/1, 198/1, 193/2, 194/1, 194/3, 195/1, 201/1, 201/2, 201/3, 201/4, 198/1/5/2, 72, 190, 191 181/1, 183, 184, 185, 186, 121/1, 118, 187 ये खसरे सभी शामिल किए गये है इन सभी खसरो पर डेवलपमेन्ट बता कर बेबकूफ बना कर पहले भी भोले भाले ग्राहकों को सब्ज बाग दिखा कर फसाया था और फिर प्लाट बेच दिये थे कॉलोनी जिसका नाम विंध्याचल है जो की कनाड नदी स्तिथ है प्लॉटों को बेच कर लोगो से पैसे लेकर फुर्र हो गया था.