CURATED BY – Dheeraj Kumar Ahirwal | CITYCHIEFNEWS

दमोह, दमोह जिले में ग्रीष्मकाल के दौरान ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं समन्वय हेतु कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने ग्रामीण क्षेत्र के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अर्पित वर्मा एवं नगरीय क्षेत्र के लिए शहरी विकास अभिकरण परियोजना अधिकारी कपिल खरे को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण और आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने हेतु नोडल अधिकारी दिये गये दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा 30 जून 2024 तक प्रभावी होगा।
लोक सेवा जिला प्रबंधक चक्रेश पटेल दोनों अधिकारियों को प्रतिदिन दमोह हेल्पलाईन पर दर्ज होने वाली पेयजल समस्या अथवा हेण्डपंप सुधार संबंधी शिकायतों को प्रेषित करेंगे। दोनों अधिकारियों का यह दायित्व होगा कि 24 घंटे में पेयजल का निराकरण सर्व संबंधितों के माध्यम से सुनिश्चित करायेंगे ।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा जिन स्थानीय निकायों में 2 या 2 से अधिक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की स्थिति निर्मित हो रही है, वहां की समस्या को समझकर अंर्तविभागीय समन्वय से रणनीति तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे क्षेत्रों में पेयजल प्रदाय व्यवस्था में तेजी से सुधार आये। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा कर बिगड़े हुये किन्तु सुधार योग्य सभी हेण्डपंपों का शतप्रतिशत सुधार आगामी 15 दिनों में कराया जाना सुनिश्चित करायें ।
उन्होंने कहा जल निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से संचालित हो रही नलजल योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी पहुंचाने में यदि किसी क्षेत्र में कठिनाई आ रही हो तो दोनों विभागों के अधिकारियों से तत्काल चर्चा कर समस्याओं का समाधान निकलवाया जाये । नगरीय क्षेत्रों में भी सभी नगरीय निकायों में जल प्रदाय की स्थिति की नियमित मॉनीटरिंग संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा की जायेगी एवं इस संबंध में प्राप्त शिकायतों का समय सीमा में निराकरण कराया जायेगा ।
कलेक्टर ने कहा इस कार्य में दोनों अधिकारियों को सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं समस्त राजस्व अधिकारी पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे और क्षेत्र की स्थितियों की जानकारी से अवगत कराते रहेंगे । दोनों अधिकारीगण अन्य स्त्रोतों से जल संकट के संबंध में प्राप्त होने वाली जानकारी का भी नियमित रूप से संज्ञान लेते रहेगें और जिन प्रकरणों में तत्काल ऐसा करना आवश्यक और उचित हो, त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।