कानून तोड़ने वालों पर उधम सिंह नगर एसएसपी अजय गणपति का सख्त प्रहार
94 शस्त्र लाइसेंस जब्त, नियमों के उल्लंघन पर बड़ा एक्शन
ऊधम सिंह नगर, आज दिनांक 14 जुलाई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय में "मासिक अपराध समीक्षा बैठक" (Crime Meeting) आयोजित की गई। बैठक में जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने हेतु निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए गए:
1. अवैध गतिविधियों और धोखाधड़ी पर प्रहार:
कबूतरबाजी पर कार्रवाई: विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले (कबूतरबाजी) एजेंटों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इमिग्रेशन एजेंसियों के लाइसेंस की जांच:
क्षेत्र में चल रही इमिग्रेशन एजेंसियों के दस्तावेजों तथा इमिग्रेशन लाइसेंस (Emigration Licence) की सघन जांच की जाए।
भू-माफियाओं पर कार्रवाई (Land Fraud): जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी और भू-माफियाओं से संबंधित मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
नशा तस्करी व आंतरिक संलिप्तता पर कार्रवाई: नशा करने वालों और इसका अवैध व्यापार करने वालों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए। यदि इस अवैध व्यापार में किसी पुलिस कर्मचारी की संलिप्तता (संलिप्त कर्मचारियों की रिपोर्ट) पाई जाती है, तो उसकी रिपोर्ट बनाकर तुरंत उच्चाधिकारियों को भेजी जाए।
2. कानून व्यवस्था एवं निरोधात्मक पुलिसिंग:
चौकीवार 107/116 CrPC की कार्रवाई: शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु चौकी स्तर पर (Chowki wise) असामाजिक तत्वों के खिलाफ 107/116 CrPC के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
लंबित ई-समन (e-Saman Pendency): न्यायालय द्वारा जारी ई-समन की लंबित फाइलों की समीक्षा कर उनका शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बाहरी राज्यों के शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन: जनपद में रह रहे ऐसे व्यक्ति जिनके पास बाहरी राज्यों के शस्त्र लाइसेंस हैं, उनका पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) पूरी सतर्कता और सही तरीके से किया जाए।
3. लंबित विवेचनाओं और चालान प्रक्रिया में सुधार:
लंबित साइबर अपराधों का निस्तारण: साइबर सेल और थानों में साइबर अपराध से जुड़े जितने भी मामले 01 वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें प्रभावी कार्रवाई करते हुए तत्काल समाप्त (निस्तारित) किया जाए।
चालान प्रक्रिया में सुधार (Improvement in Challan): पुलिस द्वारा किए जाने वाले चालानों की गुणवत्ता और विधिक प्रक्रियाओं में सुधार लाया जाए।
4. आधुनिक पुलिसिंग एवं सुरक्षा उपाय:
बॉडी वॉर्न कैमरा एवं गैजेट्स का उपयोग: सीपीयू (CPU) और ट्रैफिक पुलिस के जवान ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से हेडसेट (Headset) तथा बॉडी वॉर्न कैमरों (Body Worn Cam) का उपयोग करेंगे।
CCTV कैमरों हेतु जन-जागरूकता: समस्त थाना/चौकी प्रभारी अपने क्षेत्रों के नागरिकों और व्यापारियों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से अधिक से अधिक CCTV कैमरे लगाने हेतु प्रेरित (Motivate) करें।
फायरिंग की घटना पर सख्त जवाबदेही: यदि किसी भी क्षेत्र में फायरिंग (गोलीबारी) की घटना घटित होती है, तो संबंधित चौकी प्रभारी की सीधी जिम्मेदारी (Accountability) तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक की जाएगी मासिक अपराध समीक्षा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 अधिकारी/ कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
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