भारत में आएंगे प्लास्टिक के नोट! आरबीआई कर रहा ट्रायल
2027-28 तक बाजार में उतारने की तैयारी
नई दिल्ली, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश में पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने बैंक नोटों को प्रचलन में लाने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि फिलहाल इन नोटों का फील्ड ट्रायल जारी है और परीक्षण के परिणामों के आधार पर ही इन्हें बड़े स्तर पर जारी करने का निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय बैंक की योजना वित्त वर्ष 2027-28 तक पॉलिमर नोटों को बाजार में उतारने की है।
भारतीय परिस्थितियों में हो रही नोटों की जांच
मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पॉलिमर नोटों के पायलट प्रोजेक्ट के तहत अलग-अलग परिस्थितियों में इनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन की जांच की जा रही है। बड़े पैमाने पर इन्हें जारी करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ये नोट देश के मौसम, इस्तेमाल के तरीके और बैंकिंग व्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप प्रभावी साबित हों।
उन्होंने कहा कि फील्ड ट्रायल से मिलने वाले आंकड़ों और अनुभवों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद ही पॉलिमर नोटों को आम जनता के बीच लाने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
10 और 20 रुपये के नोटों से शुरू हुआ परीक्षण
इससे पहले केंद्र सरकार संसद में जानकारी दे चुकी है कि आरबीआई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 10 रुपये और 20 रुपये मूल्यवर्ग के पॉलिमर नोटों का परीक्षण किया जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत दोनों मूल्यवर्ग के करीब 100-100 करोड़ नोट जारी कर उनकी मजबूती, उम्र और भारतीय परिस्थितियों में उपयोगिता का आकलन किया जाएगा।
कागजी नोटों से ज्यादा टिकाऊ होने का दावा
आरबीआई का मानना है कि पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक लंबे समय तक चलते हैं। खासकर छोटे मूल्यवर्ग के नोट, जिनका इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है और जो जल्दी खराब हो जाते हैं, उनके लिए पॉलिमर नोट एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
इससे नोटों की बार-बार छपाई और खराब नोटों को बदलने पर होने वाले खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।
नकली नोटों पर रोक लगाने में मिलेगी मदद
पॉलिमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें पारदर्शी विंडो और अन्य सुरक्षा फीचर्स शामिल हो सकते हैं, जिससे असली और नकली नोटों की पहचान आसान होगी। इससे नकली मुद्रा के खतरे को कम करने में मदद मिलने की संभावना है।
कागजी नोट रहेंगे जारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पॉलिमर नोट आने के बाद भी मौजूदा कागजी मुद्रा को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना नहीं है। नए पॉलिमर नोट पुराने नोटों के साथ समानांतर रूप से प्रचलन में रहेंगे।
आरबीआई के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों की जलवायु, उपयोग की आदतों और संचालन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन नोटों का मूल्यांकन किया जाएगा। फील्ड ट्रायल और सभी तकनीकी पहलुओं की समीक्षा पूरी होने के बाद ही इन्हें बड़े स्तर पर जारी करने का निर्णय लिया जाएगा।
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