गुजरात में मानसून का कहर कई जिले जलमग्न
अब तक 5 की मौत, अगले 48 घंटे भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का अलर्ट
सूरत, दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होते ही गुजरात में इस सीजन की सबसे भीषण वर्षा देखने को मिल रही है सबसे अधिक असर दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग और भरूच जिलों में पड़ा है जहां लगातार मूसलाधार वर्षा से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है सूरत शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार सूरत में पिछले 24 घंटों में लगभग 104.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई जबकि कई स्थानों पर इससे भी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया हैँ प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ और कई क्षेत्रों में लोगों को घरों में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैँ राज्य के अन्य जिलों की बात करें तो नवसारी, वलसाड, डांग, भरूच, भावनगर, अमरेली, गिर सोमनाथ, जूनागढ़ और पोरबंदर में भी भारी से भारी वर्षा दर्ज की गई है सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में नदियां उफान पर हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने पड़े हैं भारी बारिश के कारण राज्य के अलग-अलग जिलों में मकान गिरने पेड़ उखड़ने औऱ बिजली आपूर्ति बाधित होने तथा सड़क हादसों जैसी घटनाएं सामने आई हैं कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित दूसरे स्थानों पर पहुंचाया गया है जब कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में राहत दल तैनात किए गए हैं फिलहाल विभिन्न जिलों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है बल्कि सबसे अधिक परेशानी दैनिक मजदूरों छोटे व्यापारियों रिक्शा एवं ऑटो चालकों हो रही हैँ वहीँ औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों किसानों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को काफ़ी दिक्कत उठानी पड़ रही है जलभराव के कारण बाजारों में कारोबार प्रभावित हुआ है कई औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन धीमा पड़ा है और सार्वजनिक परिवहन भी बाधित हुआ है ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों तथा किसानों के सामने चारे और फसलों की सुरक्षा की चुनौती खड़ी हो गई है कई परिवारों को घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान का भी नुकसान हुआ है स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा राज्य आपदा प्रबंदन बल (SDRF) को अलर्ट पर रखा गया है जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है संवेदनशील स्थानों पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं और लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने तथा नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है भारतीय मौसम विभाग ने गुजरात के कई जिलों के लिए अगले 24 से 48 घंटों तक भारी से अत्यधिक वर्षा आंधी-तूफान तथा कुछ स्थानों पर फ्लैश फ्लड का खतरा जताया है सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, अमरेली और भावनगर सहित कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून का सक्रिय दौर अभी कुछ दिन और जारी रहेगा इसलिए निचले इलाकों नदी किनारे रहने वाले लोगों तथा मछुआरों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है कुल मिलाकर गुजरात में मानसून अब राहत से अधिक चुनौती बनता दिखाई दे रहा है एक ओर यह बारिश जलाशयों और बांधों के लिए लाभदायक साबित हो रही है वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है प्रशासन हाई अलर्ट पर है और मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
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