CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS

लालबर्रा, विकसित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए संकल्पित नवागत खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. रितु धुर्वे ने सोमवार,7 जुलाई को शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों को सुचारू, सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना और स्टाफ को ज़मीनी स्तर पर अधिक सक्रिय एवं संवेदनशील बनाना रहा।
निरीक्षण के दौरान डॉ. रितु धुर्वे ने स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थिति दर्ज कराने वाले कर्मचारियों की कार्यशैली,समयपालन और अस्पताल परिसर की साफ-सफाई की स्थिति को परखा। उन्होंने उपस्थित चिकित्सा एवं सहायक कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे बरसात के इस संवेदनशील मौसम में ग्रामीणों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं और समय पर अस्पताल खोलकर अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा से निभाएं।
खारी व मोहगांव (ध) के स्वास्थ्य केंद्रों का भी किया दौरा
भारी वर्षा की आशंका को ध्यान में रखते हुए डॉ. धुर्वे ने उप-स्वास्थ्य केंद्र खारी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहगांव (ध) का भी निरीक्षण किया। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों,जलभराव की स्थिति तथा पहुंच की दिक्कतों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को संचालित करने में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का उन्होंने प्रत्यक्ष जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों उपकेंद्रों में मौजूद चिकित्सा कर्मियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि “बरसात के मौसम में डेंगू,मलेरिया,टाइफाइड,हैजा जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को पूरी तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए।”
सतर्कता, समयपालन और सेवाभाव पर विशेष बल
डॉ. धुर्वे ने कहा कि गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं आमजन की जीवनरेखा हैं। यदि समय पर अस्पताल नहीं खुलते या डॉक्टर/कर्मचारी मौजूद नहीं रहते,तो ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। इस वजह से सभी स्वास्थ्य कर्मियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पर उपस्थित रहना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वास बनाए रखना तभी संभव होगा जब स्वास्थ्य सेवाएं जिम्मेदारीपूर्वक दी जाएं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा और संक्रमण रहित रखा जाए ताकि मरीजों को स्वास्थ्य लाभ में कोई बाधा न हो। विशेष रूप से जलभराव और कीचड़ के मौसम में परिसर में एंटी लार्वा का छिड़काव,कीटनाशक का उपयोग, तथा रोगी वार्डों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य है।
बरसात में रोगों की आशंका को लेकर दिए सतर्कता के निर्देश
डॉ. रितु धुर्वे ने कर्मचारियों को यह भी बताया कि इस मौसम में वायरल बुखार,पेट संबंधी रोग, त्वचा रोग,सर्पदंश,जलजमाव से फैलने वाले संक्रमण,तथा मच्छरजनित रोगों की आशंका सबसे अधिक रहती है। अतः प्रत्येक कर्मचारी को अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनजागरूकता अभियान चलाने चाहिए।
स्वास्थ्य केंद्रों को पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयों, ORS घोल, बुखार-निरोधक गोलियों,सर्पदंश के एंटी-वेनम,तथा फर्स्ट एड सामग्री से सुसज्जित रखने के निर्देश भी उन्होंने दिए। साथ ही यह भी कहा कि यदि किसी स्थान पर पानी भरता है, तो वहां नालियों की सफाई के लिए स्थानीय पंचायत से समन्वय किया जाए।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश
लालबर्रा विकासखंड में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां अत्यधिक वर्षा के चलते नालों के उफान पर आने या संपर्क मार्ग टूटने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे बाढ़ संभावित इलाकों की पहचान कर वहां विशेष स्वास्थ्य टीमों को सक्रिय रखने, प्राथमिक उपचार किट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने, तथा एंबुलेंस की सुलभता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
डॉ. धुर्वे ने यह स्पष्ट किया कि “मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है और स्वास्थ्य विभाग का प्रत्येक कर्मी इस सेवा का प्रहरी है। यदि किसी भी ग्रामीण को इलाज के अभाव में परेशानी होती है, तो यह विभागीय विफलता मानी जाएगी। इसलिए हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना आवश्यक है।”
जनप्रतिनिधियों व पंचायतों से सहयोग का आग्रह
 उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं तभी पूरी तरह कारगर बनेंगी जब प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधि मिलकर एक साझा प्रयास करें। गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर, स्वच्छता अभियान, टीकाकरण ड्राइव आदि में ग्राम पंचायतों की भूमिका अहम है। सभी स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में नियमित रूप से संपर्क बनाए रखें और ग्रामीणों को समय-समय पर मौसमजनित रोगों की रोकथाम के उपाय समझाए।