CURATED BY – RAJIV KHARE | CITYCHIEFNEWS

छत्तीसगढ़  (नारायणपुर), पूर्वी बस्तर डिवीजन क्षेत्र के ग्रामों में क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हेतु सुरक्षा बलों द्वारा‘‘नक्सल भय मुक्त’’ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ।क्षेत्र के ग्रामीणों में नक्सली भय से आजादी की आशा जाग रही है और क्षेत्र के ग्रामीणों को विचारों की अभिव्यक्ति मिल रही है । अब क्षेत्र के ग्रामीण शासन/प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों एवं समस्याओं को निर्भीक रूप से रख सकते हैं । सुरक्षा बलों के द्वारा नक्सलवाद एवं नक्सली विचारधारा से जुड़े मूलवासियों से शासन की आत्मसर्मपण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने हेतु अपील की गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस के द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में भी लगातार सघन नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाव’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में पूर्वी बस्तर डिवीजन क्षेत्र के दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाने और उन्हें माओवादी सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालने के उद्देश्य से क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल भय मुक्त जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके।  
 पूर्वी बस्तर डिवीजन क्षेत्र में नक्सल अभियान की सफलता का प्रचार-प्रसार एवं क्षेत्र के ग्रामीणों में नक्सलियों के प्रति भय को दूर करने के उद्देश्य से नारायणपुर डीआरजी एवं थाना पुलिस बल द्वारा आज दिनांक 07.10.2024 को ग्राम बागझर, आदपाल, छिनारी, छोटेफरसगांव, बैलापाड़, कोंगरा, कौशलनार, कौशलपारा, बड़ेनहोर, हाथीबेड़ा, बांसपाल, तोयनार, पेरमापाल व जातापारा पहंुचकर क्षेत्र के ग्रामीणों को नक्सल विरोधी अभियान में मारे गये हार्ड कोर एवं नीचले स्तर के माओवादियों के फोटोग्राफ्स ग्रामीणों को दिखाकर उनसे मुखातिब होकर नक्सलियों के प्रति ग्रामीणों के मन में जो भय व्याप्त था उन्हें दूर किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में नक्सली भय से आजादी की आशा जगी है और क्षेत्र के आदिवासी, मूलवासी एवं  ग्रामीणों को विचारों की अभिव्यक्ति मिल रही है।
 सुरक्षा बलों द्वारा  बताया गया कि क्षेत्र के ग्रामीण अपनी मांगों एवं समस्याओं को शासन/प्रशासन व पुलिस के समक्ष निर्भिक व निर्बाध रूप से रख सकते है अब उन्हें नक्सलियों से डरने की जरूरत नहीं है। गांव के लोगों से जिनके परिवार के सदस्य जो नक्सलियों के गलत संगत में आकर नक्सल संगठन में चले गये है, उन सभी मूलवासियों जो बाहरी विचारधारा और बाहर के नक्सली नेताओं के गलत से बाहर निकलकर नक्सलवाद एवं नक्सली विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति को अपनाकर समाज के मुख्य धारा से जुड़ने और हथियार एवं नक्सलवादी विचारधारा का पूर्णतः त्याग व विरोध करने की अपील की गई। 
नक्सलवाद एवं नक्सलवादी विचारधारा से क्षेत्र के ग्रामीणों को बचाने और उन्हें माओवादी सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालने के उद्देश्य से क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा संचालित ‘‘नक्सल भय मुक्त’’ जागरूकता अभियान नक्सलवाद के खात्मे तक जारी रहेगा।