CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS

दमोह, सीएमएचओ डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने बताया की लोगों में जन्मजात विकृति की शीघ्र पहचान एवं उपचार हेतु 01 से 31 मार्च 2024 तक राष्ट्रीय जन्मजात विकृति जन जागरूकता दिवसों का आयोजन कर लोगों की बीमारी को शीघ्र पहचान एवं उपचार संबंधी जागरूक किया जायेगा ताकि सभी बच्चों को क्वालिटी आफ लाईफ मिल सकें व रोग से लाचार न रहें।
उन्होंने बताया शासन द्वारा लोगों को स्वास्थ्य सुविधाऐं प्रदाय करने अनेक योजनाऐं चलायी जा रही है। इसी में से एक योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत आयुष मेडिकल टीम गॉव-गॉव जाकर 0-18 वर्ष के बच्चों की स्क्रीनिंग कर 9 प्रकार के जन्मजात विकृति का पता लगाकर उपचार दिलाने में मदद कर रही है। यही कारण है कि आयुष चिकित्सक दल व डीईआईसी के सहयोग से प्रदेश के अंदर एवं प्रदेश के बाहर कुल 386-हृदय रोग, 19-न्यूरल ट्यूव डिफेक्टर, 31-जन्मजात बहरे, 396-कटे-फटे होठ एवं तालू के, 1145-जनरल सर्जरी के, 13-मोतियाबिंद के, 376-तिरछे पैर के बच्चों की प्लास्टर, एवं आवश्यकतानुसार सर्जरी सफलतापूर्वक करायी जा चुकी है। साथ ही 11013 बच्चों को चश्मे एवं 07-बच्चों को ट्राईसाईकल, 123 बच्चों को श्रवण यंत्र 24-बच्चों को दिव्यांग प्रदाय कराने में सहयोग प्रदाय किया गया। इसी तरह 526 बच्चों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्राप्त हेतु जरूरी सहयोग प्रदान किया गया है।