CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS

दमोह, यह कहानी है दमोह जिले से 44 किमी दूर बटियागढ़ ब्लाक की ग्रामपंचायत कबीरपुर ग्राम झागरी में रहने वाले विनोद रजक के परिवार की है। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है इसलिये दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का गुजारा कर रहे है। बालक कृष्णा रजक का जन्म बटियागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में हुआ था। डिलेवरी पाईंट पर जन्म लेने के दौरान डॉ. सौरभ जैन आरबीएसके एएमओ ने उनके परिजन को बताया कि कृष्णा जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित है। अतः इसकी जांच हेतु डीईआईसी जिला दमोह जाना होगा। आरबीएसके टीम व डीईआईसी टीम द्वारा निरंतर बच्चें के स्वास्थ्य की निगरानी की गई। उनके माता-पिता बच्चे को लेकर दिल्ली जाने के कारण व इलाज समय पर न मिलने से कृष्णा बार-बार बीमार होने लगा। प्राईवेट में बार-बार जांच कराने के कारण उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोंर होती जा रही थी। इसी दौरान डीईआईसी टीम से डॉ. प्रीति ठाकुर द्वारा चिहांकित बच्चों का निरंतर फॉलोअप लेने दौरान उनके पिता विनोद रजक ने फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि कृष्णा बार-बार बीमार पड़ने से कमजोर हो गया है और प्राईवेट में दिखाया है, उसके इलाज पर लगभग दो लाख रूपये का खर्च आना बता रहे है। डॉ. प्रीति ने बताया की कृष्णा को डीईआईसी ले जाइयें यहां से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत निःशुल्क सर्जरी करायी जायेगी।
दूसरे ही दिन कृष्णा, मॉ-जयंती, पिता-विनोद रजक डीईआईसी आये जहां डॉ. जलज बजाज द्वारा हृदय रोग से संबंधित सभी जाचें निःशुल्क करायी गई, जांच में कृष्णा को दो गंभीर हृदय रोग की बीमारी निकली जिस पर मान्यता प्राप्त संस्था द्वारा 1.75 लाख का प्राक्कलन दिया, जिसे कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, आरबीएसके जिला समिति से सिविल सर्जन, आरबीएसके नोडल अधिकारी, डीपीएम, डीईआईएम, सीएमएचओ द्वारा स्वीकृति प्रदाय कर राशि जारी कर कष्णा की सफलता पूर्वक सर्जरी करायी गई।
सर्जरी के तीन माह पश्चात कृष्णा का आज पुनः फॉलोअप लिया गया। कृष्णा की मॉ जयंती बोली की मेरे बच्चे को स्वास्थ्य विभाग दमोह व आरबीएसके टीम ने नया जीवन दिया है, बेटे के इलाज पर इतनी बढ़ी रकम खर्च करना तो उनके लिये दिन में सपने देखना जैसे था। अब वह भी अन्य बच्चों की तरह खेलकूद रहा है, मैं अपने बच्चे कृष्णा को खेलता देख बहुत खुश हूं।