CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS

दमोह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने बताया कि कुपोषण को दूर करने एवं अच्छा स्वास्थ्य पाने में रोजाना तिरंगा भोजन का सेवन बच्चों और बड़ों के लिए बेहद अहम है। उन्होने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत तिरंगा आहार की बात एवं पोषण के स्त्रोत के संबंध में किशोर-किशोरियों को जागरूक करने हेतु जिले के समस्त उप स्वास्थ्य केन्द्र पर क्लस्टर बैठक का आयोजन गत दिवस किया गया। ग्राम भारती महिला मंडल के मास्टर ट्रेनर द्वारा कॉमिक बुक के जरिए तिरंगा आहार सेवन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

राज्य प्रशिक्षक वरूण दुबे एवं जिला सी.पी.एच.सी. कंसलटेंट ओ.पी. पटेल ने उप स्वास्थ्य केन्द्र कुलुआ व रौंड, नोहटा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहॅुचकर बैठक में शामिल हुये। इस दौरान राज्य प्रशिक्षक वरूण दुबे ने बताया कि शरीर को चुस्त, क्रियाशील और बीमारियों से सुरक्षा के लिए रोजाना थाली में तिरंगा भोजन को शामिल करें। तिरंगा भोजन में नारंगी रंग के खाद्य पदार्थ जैसे सभी अनाज, पीली दालें, चना, राजमा, आलू, पपीता, गाजर, केला, टमाटर का सेवन शरीर को शक्ति देता है वहीं शरीर के वृद्धि और विकास के लिए सफेद रंग जैसे दूध, दूध से बनी चीजें जैसे दही, छाछ, पनीर, चावल, मूली, शलजम, लहसुन का सेवन गुणकारी है। वहीं हरे रंग के खाद्य पदार्थों में सभी सब्जियां जैसे पालक, मैथी, बथुआ, चैलाई, पत्ता गोभीए, फूल गोभी, भिन्डी जैसी हरी सब्जियां का सेवन बीमारियों से सुरक्षा देता है।