CURATED BY – GAURAV SINGHAL CITYCHIEFNEWS

सहारनपुर, भारतीय संविधान ने अठारह वर्ष और अधिक उम्र के नागरिकों को देश की सरकार चुनने के लिए मताधिकार दिया है लेकिन अधिकांश लोग इस जिम्मेदारी का ठीक से पालन नहीं करके इस दिन छुट्टी मनाते हैं। नेशन बिल्डर्स अकादमी की बाल संसद ने अपने अंतिम सत्र के अधिवेशन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके वोट न देने को दंडनीय अपराध घोषित कर दिया है। जिसके तहत अब मताधिकार का प्रयोग न करने वाले मतदाता को पांच हजार रुपया अर्थदंड के साथ ही उसे मिलने वाली सभी सब्सिडियों से हाथ धोना पड़ेगा। प्रधानमंत्री दीपशिखा ने ये जानकारी देते हुए कहा कि  वयस्क नागरिकों का गैरजिम्मेदार होना देश को कमजोर करता है। सांसद के समय का पूरा सदुपयोग करने का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए संसदीय कार्य मंत्री नैतिक ने राष्ट्रहित के अनेक बिल एकसाथ पास किए जाने की जानकारी दी। शिक्षा मंत्री प्रिंसी के प्रस्ताव पर नई पीढ़ी में समानता के मौलिक अधिकार को पूरी तरह लागू करने और देश से जातिगत भेदभाव समाप्त करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से जाति का कॉलम हटाने का प्रस्ताव भी संसद ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूली रिकॉर्ड में जाति का जिक्र होने से बचपन से ही बच्चों में जातिवाद का जहर घुलने से धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक समरसता की बात कोरी कल्पना बन गई थी। उधर स्वास्थ्य मंत्री वर्तिका के प्रस्ताव पर अस्पतालों व दवाइयों पर निर्भरता घटाने के लिए गंभीर रोगियों को छोड़कर बाकी सभी के लिए प्रात: पांच बजे से पूर्व बिस्तर छोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। जिसके लिए हर नागरिक को सुबह सवेरे अपने निकटवर्ती पार्क, योगाश्रम, व्यायामशाला, स्टेडियम या धर्मस्थल में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। खाद्यमंत्री अवि के प्रस्ताव पर लोगों में श्रमशीलता बढ़ाने की दृष्टि से कोरोना काल में आरंभ किया गया मुफ्त राशन देना भी अब बंद कर दिया गया है इससे निठल्लेपन और राशन में मिले अन्न को ब्लैक में बेचने से नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही थी। रक्षा मंत्री रक्षिता ने हर नागरिक को देश की जिम्मेदारी निभाने और मुख्यधारा में लाने के लिए अग्निवीर योजना को आगे बढ़ाते हुए १५ से ६५ साल उम्र के स्त्री पुरुषों के लिए सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है। जिन्हें समय-समय पर मोर्चों पर भी सेना के साथ तैनाती मिलेगी। धर्म एवं संस्कृति मंत्री माधव बजाज ने बताया कि  राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि स्थान देने के लिए सभी धर्मस्थलों पर स्थाईरूप से राष्ट्रध्वज लगाना और धार्मिक पूजा/ इबादत की शुरुआत प्रतिदिन राष्ट्रगान से करना अनिवार्य करने का प्रस्ताव संसद द्वारा पारित हो गया है जो राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद कानून बन जाएगा। बाल संसद सभापति श्रीमती सुरभि सेठी ने बताया कि गुरुदेव स्वामी भारत भूषण की प्रेरणा से गठित इस बाल संसद से बच्चों में अनुशासन और जिम्मेदारी का एहसास बढ़ा है। इस संसद की खास बात यह रही की सभी सांसदों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। हालांकि नेता प्रतिपक्ष युवराज, महिला मोर्चा अध्यक्ष खुशी और स्वतंत्र सांसद आयुष ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि प्रस्ताव पास करते समय विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया गया है।