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बड़वानी, बड़वानी में मोरटक्का पुल पर आवागमन बंद : नर्मदा जल स्तर में हुई वृद्धि खतरे के निशान से एक मीटर अधिक बह रही नर्मदा, नावघाट खेड़ी में साईं मन्दिर डूबा

ओंकारेश्वर बाँध के 23 गेट खुले थे, 37 हजार क्यूमैक्स पानी छोड़ रहे ऊपरी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के चलते नर्मदा के जल स्तर में एक बार फिर वृद्धि देखने को मिल रही है। एहतियातन तौर पर मोरटक्का पुल पर आवागमन भी बंद कर दिया है। ओंकारेश्वर बाँध के जलाशय में जलवृद्धि होने पर बीती रात से ओंकारेश्वर बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। तब से ही  नर्मदा का जल स्तर लगातार एवं तेजी से बढ़ रह है।शनिवार को स्थिति यह है की नावघाट खेडी पर नए एवं पुराने दोनों घाट पूरी तरह जलमग्न है जबकि साई मन्दिर भी डूब चूका है।सुबह करीब 8 बजे तक नर्मदा का जल स्तर 165 मीटर दर्ज किया गया।जो खतरे के निशान 163.980 से 1 मीटर अधिक है। यही कारण है की पुल पर आवागमन एहतियातन बंद कर दिया गया है। पुल पर दोनो तरफ बेरिकेडिंग कर पुलिस तैनात हों गई हैं। पुल बन होने बार हल्के वाहन एक्वाडक्ट पुल से होकर गुजर रहे है। उल्लेखनीय है की ओंकारेश्वर बाँध से शुक्रवार शाम को 22 गेट की खोले गए थे। जिससे नर्मदा नदी में बाँध गेट से 10172 क्यूमेक जल नर्मदा में प्रवाहित किया जा रहा था। जबकि सुबह 23 गेट से करीब 25 हजार 233  क्यूमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है।सुबह 9 बजे से गेट से करीब 37 हजार क्यूमैक पानी नर्मदा में छोड़ेंगे।यही कारण है की नावघाटखेडी के नर्मदा जल स्तर में अचानक तेजी से वृद्धि देखने को मिलेगी और मोटक्का पुल पर भी 1 फीट ऊपर पानी चढ़ा। इस दौरान प्रशासन भी हरकत में आया है। एसडीएम प्रदीप सोनी ने बताया की घाट पर भी स्नानार्थियो को नर्मदा में स्नान के लिए रोका जा रहा है। मौके पर नाविक बाबूलाल मंगले,प्रदीप केवट आदि की टीम लगी हुई है।पंडित विनय अत्रे ने बताया की सुबह जल स्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा। कुछ ही देर में जल साई मन्दिर भी डूब गया गया। नर्मदा का उफान एवं जल स्तर अधिक होने पर दुकाने ऊपरी क्षेत्र में शिफ्ट कर दी गई थी,इसलिए कोई जनहानि या अप्रिय घटना नही हुई।बताया जा रहा है की ओम्कारेश्वर बाँध से और अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है।