कटनी के मुड़वारा में भाजपा के दो प्रत्याशियों के नाम की हुई वापसी
अजय विश्नोई का दावा: भाजपा के बागी प्रत्याशियों का नाम वापस करने का यह कदम है भाजपा की जीत की गारंटी
CURATED BY – SUNIL YADAV | CITYCHIEFNEWS
कटनी, कटनी जिले के मुड़वारा विधानसभा चुनाव में भाजपा से बागी हो चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों का नाम वापस कराने के लिए जबलपुर से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पाटन विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी अजय विश्नोई ने भाजपा पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक मोती कश्यप का नाम वापस कराने पहुंचे और खुद मोती कश्यप को ले कटनी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए और मोती कश्यप का नाम वापसी कराया, मोती कश्यप ने बड़वाड़ा विधानसभा से भाजपा से बागी हो निर्दलीय नामांकन फार्म जमा किया था इस दौरान उनके साथ भाजपा के जिला अध्यक्ष मौजूद रहे। जबलपुर से पहुंचे अजय विश्नोई ने कटनी जिले के चारो विधानसभा से बीजेपी से बागी हो नामांकन भरने वाले प्रत्याशियों के बारे में कहा की टिकट का वितरण जब होता है अपेक्षा बहुत से लोगों की होती है अपेक्षा की जिसकी पूर्ति नहीं होती है वह विरोध भी करता है विद्रोही करता है बागी भी बनता है और यह पार्टी का अनुशासन और पार्टी के प्रति प्रेम और पार्टी जैसे राष्ट्र निर्माण के रास्ते पर चल रही है, उसको देखते हुए बाकी भी ठंडा पड़ जाते है और पार्टी से फिर जुड़ते हैं यह भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है बहुत लोग पार्टी के बागी और फिर वापस घर पार्टी को चुनाव जीतने के लिए मैदान में आए हैं फॉर्म वापस लिया है।...अजय विश्नोई ने यह भी कहा की भाजपा पार्टी का संगठन बहुत बड़ा है और इस संगठन से अलग हो चुनाव जीतना संभव नहीं है कुछ ही जगह है कहा निर्दलीय चुनाव जीतते है..वही जब अजय विश्नोई से पूछा गया की कटनी जिले में महापौर चुनाव के वक्त भाजपा छोड़ निर्दलीय चुनाव लगाने वाली महिला ने तो भाजपा को हरा कर महापौर बनी थी तो अजय विश्नोई ने यह कहा की वह चुनाव जीतने के कुछ माह बाद दोबारा भाजपा में आ गई थी और जो उन्होंने चुनाव जीता था वह भाजपा की थी चुनाव लड़ने तक इसी वजह से वह चुनाव जीत सकी और वापस भाजपा में शामिल हो गई यह जीत भाजपा की ही जीत है।... अजय विश्नोई से जब यह भी पूछा गया की कुछ ऐसे प्रत्याशी भी है जो भाजपा से बगावत कर नाम वापसी के दिन भी अपना नाम वापस नहीं लिया और चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है..उनका नाम विजय ज्योति दीक्षित है तो उनका कहना था की उनके बारे में वह कुछ भी नही कह सकते है उन्हे भाजपा से बहुत बनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मान रहे है।... भाजपा से बागी हो नाम वापसी करने वाले भाजपा नेताओं से जब बात की गई तो उन्होंने कहा की टिकट के बाद उनकी कुछ नाराजगी थी और उन्हें चुनाव लड़ने की इच्छा थी इस लिए उन्होंने नामांकन दाखिल किया था और बाद में उन्होंने शांति से सोचा की इतने बड़े संगठन और परिवार को छोड़ नही सकते तो सभी के सलाह मसवरे के बाद उन्होंने ने अपना नाम वापस ले लिया।..कटनी जिले के मुड़वारा विधानसभा की एक ऐसी प्रत्याशी आज भी चुनावी मैदान में जो भाजपा से महापौर प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुकी है उन्होंने अपना नाम वापस नहीं लिया है और वह चुनावी मैदान में आज भी है और उनका कहना है की उन्हें जनता पर पूरा भरोसा है की उन्हें जनता जीता कर जरुर विधायक बनाएगी।