CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL CITYCHIEFNEWS

दमोह, स्कूल चले अभियान आज पूरे प्रदेश में 18 जून से 20 जून तक चलाया जा रहा है। सरकार की मंशा साफ है की कोई भी ऐसा बच्चा ना बचे जो स्कूल ना जा पाए, उनको किसी भी प्रकार से स्कूल लाने का काम किया जाए। जैसा अभी 6 से 7 बच्चे जो पन्नी बीनने वाले परिवार के बच्चे हैं, उन्हें विद्यालय में प्रवेश कराया गया है। सी.एम. राइज स्कूल की अवधारणा यह है कि एक-एक विकासखंड में एक या दो सी.एम. राइज स्कूल खुलें और उसके आसपास के जितने स्कूल है, उन स्कूलों को इसमें मर्ज करना और जिस गांव से विद्यार्थी स्कूल आयेगा उस गांव तक उसे बस के माध्यम से लाया ले जाया जाये। इस आशय के विचार प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल ने स्कूल चलें हम अभियान के तहत आज सी.एम. राइज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किये। इस अवसर पर सांसद दमोह राहुल सिंह लोधी एवं पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया, नरेन्द्र बजाज, सीईओ जिला पंचायत अर्पित वर्मा खासतौर पर मौजूद थे।

राज्यमंत्री  ने कहा सीएम राईज स्कूल ऐसी जगह पर स्कूल खुले जहां सारे खेलों की सुविधा हो, लाइब्रेरी की सुविधा हो, इंटरनेट की सुविधा हो और उसे एक ऐसे लेवल का बनाना जो प्राइवेट स्कूल से भी बेहतर हो। जिले में अंग्रेजों और कांग्रेस शासन से 2003 तक कितने स्कूल बने यह जानकारी मैं आपके सामने लाना चाहता हूं जिससे आपको पता चले कि सरकार कितना काम कर रही है। 2003 तक जिले में हायर स्कूल में कुल 28 स्कूल थे और 12 हायर सेकेंडरी स्कूल थे, कुल मिलाकर 40 स्कूल थे। 2003 से लेकर आज तक 128 हाई स्कूल है और हायर सेकेंडरी स्कूल 40 हो गए हैं। हम चाहते हैं और अच्छी पढ़ाई हो।

सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा मध्य प्रदेश शासन की योजना स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य यह है की सभी शिक्षित बने अच्छे से पढ़ें, पढ़कर एक नया राष्ट्र गणे, इस संकल्प को पूरा करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वह बच्चे जो आर्थिक रूप से संपन्न नहीं है, जो स्कूल नहीं जा सकते वह बच्चे जिन्हें पढ़ने की जिज्ञासा है, पर उनके पास व्यवस्थाएं नहीं है, शासन की योजना है कि ऐसे बच्चों को चिन्हित करना, उन वार्डो में जाना उनको और उनके माता-पिता दोनों को प्रोत्साहित करके यह बताना कि आज प्रदेश सरकार सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए सभी को समान शिक्षा देने का काम कर रही है। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों एवं अभिभावकों से आग्रह करते हुए कहा समय-समय पर स्कूल के कैलेंडर के अनुसार पेरेंट्स टीचर मीटिंग होती है और जो खेल के समय जो कार्यक्रम होते हैं, सभी बच्चों के साथ सहभागी बनें, बच्चों को एक अच्छा माहौल दे, तो विश्वास मानिए जो परफॉर्मेंस हम बच्चों से उम्मीद करते है, उससे बेहतर परफॉर्मेंस करेंगे।   सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कई बार दसवीं और बारहवीं का जब रिजल्ट आता है तो कई बच्चे ऐसे हैं ,जो तय मापदंड के अनुसार अंक नहीं ला पाते हैं, जिससे वह हताश हो जाते हैं और कई बार बहुत बड़े-बड़े कदम उठा लेते हैं। जीवन में कई बार हार-जीत सफलता-असफलता लगी रहती है पर अच्छा व्यक्ति, अच्छा विद्यार्थी वहीं है जो निरंतर प्रयास करतें रहें, क्योंकि निरंतर प्रयास करने वाले को एक न एक दिन सफलता मिलती ही है। इस मूल मंत्र को इस लक्ष्य को लेकर यदि हम काम करेंगे तो जीवन में हम हमेशा सफल होंगे।

पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया ने स्कूल चलें हम अभियान कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कहा सभी छात्र-छात्राएं खूब पढ़े-लिखे, खूब खेलें, माता-पिता अपने बच्चों का सर्वांगीण विकास करें, जिससे बच्चे आगे चलकर कुछ बनें, उन्हें अपने ऊपर गर्व होना चाहिये, परिवार को गौरवान्वित होने का मौका मिले और ऐसे भी विद्यार्थी आगे निकलें जिनके ऊपर पूरा मध्य प्रदेश नाज कर सके। उन्होंने कहा विद्यार्थियों के लिए जो कुछ भी बन सकेगा हम सभी मिलकर करेंगे, हमने कुछ बातें तय की है वह आगे जाकर करेंगे। उन्होंने कहा सभी बच्चों की काउंसलिंग होना जरूरी है, खास तौर से 9 वीं, 10 वीं और 11वीं के जो विद्यार्थी हैं उनकी काउंसलिंग के लिए उन्हें बुलाएं, वे किस परिवार से हैं, उनके परिवार की क्या क्षमता है, विद्यार्थी क्या बनना चाहते हैं, क्या करना चाहते हैं और उसके हिसाब से उनका विकास करने का मौका मिल सके।

इस दौरान पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.के.नेमा, सी.एम. राइज स्कूल के प्राचार्य आर.पी. कुर्मी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। विद्यालय की उपलब्धियां और सफलताओं के प्रतिवेदन का वाचन प्राचार्य आरपी कुर्मी द्वारा किया गया। विद्यालय की प्रयोगशाला, पुस्तकालय, जैविक खाद, अपशिष्ट प्रबंधन की प्रशंसा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं अतिथियों द्वारा की गई और पुस्तक वितरण के साथ मध्यान्ह भोजन में भी अतिथि सम्मिलित हुए। उल्लेखनीय है जिला शिक्षा विभाग दमोह  के अधिकारियों के विशेष प्रयासों से अप्रवेशी शाला त्यागी घुमंतू  करने  बच्चों को भी मुख्य धारा से जोड़ते हुए विद्यालय में प्रवेश कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मॉं सरस्वती की मूर्ति पर मल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। छात्र-छात्राओं के प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधियों द्वारा छात्र-छात्राओं को तिलक लगाकर एवं पुष्पमाला पहनाकर पुस्तकों का वितरण किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के अभिभावकों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन विपिन चौबे और आभार प्रदर्शन डॉ.आलोक सोनवलकर द्वारा किया गया।