कैमूर, बिहार के कैमूर जिले में सांप काटने से जख्मी हुए एक युवक को अस्पताल पहुंचाने के बजाय शराब केस में आरोपी बनाकर पुलिस द्वारा रुपये वसूलने का मामला सामने आया। पीड़ित युवक की मौत होने के बाद भगवानपुर थाने में तैनात डायल 112 के ड्राइवर और होमगार्ड जवान को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लेकर बिहार के डीजीपी को नोटिस जारी किया है। कैमूर एसपी ललित मोहन शर्मा ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
एसपी ने डायल 112 के ड्राइवर कृष्ण कुमार पासवान को सस्पेंड करते हुए सेवामुक्त करने के लिए पटना स्थित पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है। जबकि होमगार्ड जवान मो. शोएब को सस्पेंड कर सेवा मुक्ति के लिए जिलाधिकारी को लिखा गया है। बताया गया है कि जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के निमियाटांड़ निवासी शिवमूरत बिंद के पुत्र रामलखन प्रसाद पिछले सप्ताह भगवानपुर थाना क्षेत्र में रात में अपने खेत की सिंचाई करने गया था। वह वहीं सो गया। इसी दौरान उसे सांप ने काट दिया। उसी समय उसे डायल 112 वैन दिखाई दी। उसने वैन को रोककर कहा कि उसे सांप ने काट लिया है। लेकिन, पुलिस वाले उसे वैन में बैठा लिए और इलाज कराने के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय शराबी बताते हुए उससे 700 रुपये लेकर छोड़ दिया।

इसकी शिकायत उसके भाई योगेंद्र बिंद ने बाद में एसपी से की। एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीपीओ शिवशंकर कुमार को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। एसडीपीओ की जांच में होमगार्ड जवान एवं चालक दोषी पाए गए। एसपी ने एसडीपीओ के जांच रिपोर्ट पर चालक एवं होमगार्ड जवान को सस्पेंड कर दिया। एसपी ने बताया कि मंगलवार को सर्पदंश से आहत राम लखन प्रसाद के भाई योगेंद्र बिंद सहित अन्य ने आकर मेरे पास होमगार्ड जवान एवं चालक के खिलाफ आवेदन दिया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को कहा कि कैमूर जिले में कुछ पुलिसकर्मियों ने सांप काटने से पीड़ित एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर अस्पताल नहीं जाने देने से उसकी मौत हो गई। पुलिसकर्मियों ने उससे कथित तौर पर 2000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। उसने अपने भाई को फोन कर 700 रुपये का इंतजाम करवाया और फिर छोड़ा। इलाज में देर होने के चलते उसकी मौत हो गई। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।