नई दिल्ली. हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारतीय हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक के 13वें दिन ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. भारतीय टीम की जीत के बाद हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया. हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को 15-15 लाख रुपये नकद देने की घोषणा की है. वहीं टीम के साथ कोचिंग स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 7.5- 7.5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है.

हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा ,‘हॉकी इंडिया पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को 15 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ को साढे सात लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा करता है.’ टोक्यो की कहानी को पेरिस ओलंपिक में दोहराते हुए भारतीय हॉकी टीम ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से स्पेन को 2-1 से हराकर देश के लिये और अपने सुनहरे करियर पर विराम लगाने वाले पी आर श्रीजेश के लिए कांस्य पदक जीता. जीत के बाद श्रीजेश को कंधे पर बिठाकर मैदान का चक्कर लगाने वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ टीवी के सामने नजरें गड़ाये बैठे करोड़ों भारतीयों की भी आंखें नम हो गई. ओलंपिक पदक के साथ विदा लेने वाले श्रीजेश जीत के बाद गोलपोस्ट के ऊपर जाकर बैठे तो अपने जज्बात पर काबू नहीं रख सके.

जर्मनी के हाथों सेमीफाइनल में मिली हार का गम भुलाकर डेढ दिन बाद भारतीय टीम फिर युवेस डु मनोइर स्टेडियम पर उतरी तो हर खिलाड़ी का एक ही लक्ष्य था कि खाली हाथ नहीं लौटना है. एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए भारत ने दूसरे और तीसरे क्वार्टर में गोल करके न सिर्फ जीत दर्ज की बल्कि पेरिस ओलंपिक में कल पहलवान विनेश फोगाट को फाइनल से पहले अयोग्य करार दिए जाने से देश भर में छाई मायूसी को दूर करने का प्रयास भी किया.