कटनी में मोहर्रम का जलूस मानवता और भाईचारे का संदेश
कर्बला की याद में कटनी जिले में अकीदत और जोश के साथ मनाया गया मोहर्रम
CURATED BY – SUNIL YADAV | CITYCHIEFNEWS
कटनी, पूरी दुनिया में मुहर्रम का जलूस निकाला जाता है लेकिन कटनी जिले का जलूस अपने आप में खास होता है। हर साल की तरह इस साल भी जलूस जब सड़कों पर आया तो उसे देखने के लिए हूजूम उमड़ पड़ा। मानवता और भाई चारे के संदेश के साथ हांथों में तख्तियां लिए जब लोग सड़क पर आए तो उनके संदेश पढने के लिए लोग ठहर से गए। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के संघर्ष को याद करते हुए संदेश दिया कि जो लोग अपने मुल्क और भाईचारे के खिलाफ़ हैं वे मुसलमान हो हीं नही सकते। इस्लाम मोहब्बत के पैगाम का मजहब है जहां नफ़रत की कोई जगह नही है। उन्होंने ने बताया कि उनके पैगंबर भी भारत देश से बेहद प्यार करते थे और उन्होंने उसी समय ऐलान कर दिया था कि हिन्दुस्तान में जब इस्लाम स्थापित होगा तो वह पूरी शिद्दत से देश और वहां के लोगों के साथ घुल मिल कर एक मुकम्मल देश बनाएगा। यही वजह है कि भारत में रहने वाले तमाम मुस्लिम भाई आतंकवाद के खिलाफ़ हैं –
कटनी जिले में मोहर्रम का मातमी पर्व पूरी अक़ीदत और जोश- ओ – जुनून के साथ मनाया गया। पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत हुसैन और उनके जांनिसार साथियों की शहादत को याद करते हुए ताजियों का बड़ा जुलूस निकाला गया।
सभी ताजिये देर शाम मिशन चौक और दिलावर चौक में एकत्र होने लगे थे। तय वक़्त पर ताजियों एवं सवारियों का यह जुलूस दिलावर चौक से प्रारंभ होता हुआ आगे बढ़ा। पूरे जुलूस मार्ग पर शर्बत और लंगर तकसीम किया जा रहा था। साफ – सफाई,सुरक्षा और रोशनी के चाक चौबंद इंतज़ाम किये गए थे। शाम से शुरू हुआ यह जुलूस अपने तयशुदा रास्ते पर गश्त करता हुआ देर रात गाटर घाट स्थित कर्बला पहुंचेगा जहां ताजिये और सवारियां ठंडी की जाएंगी।मोहर्रम पर्व पर शहर में सवारियों ने गश्त की तो वहीं ताजियों को जुलूस निकाला गया। मिशन चौक व सुभाष चौक में मुस्लिम समुदाय के विभिन्न संगठनों द्वारा बनाई गई कर्बला की झांकियों को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समुदाय के लोग नगर पहुंचे और जुलूस में शामिल होकर दुआएं मांगी। मोहर्रम पर्व पर सवारियां अपने इमामबाड़ों से शाम को निकलीं और निशान के साथ गश्त करते हुए मिशन चौक मैदान पहुंची। उनके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों से कमेटियों के ताजिया भी निकलकर जुलूस के रूप में दिलाबर चौक मैदान में एकत्र हुए। शाम से ताजियों व सवारियों के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक जारी रहा।