CURATED BY - BAGHWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS

शाजापुर, एक दिन पहले शहर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर में सभा की थी। जहां उन्होंने तोलाराम की कचोरी का जिक्र किया था। क्योंकि 1990 में जब मोदी जनसंघ के समय यहां आए थे तब उन्होंने कचोरी का स्वाद लिया था। इसके बाद तोलाराम कचोरी वाले के यहां लोगों की भीड़ लग गई।
दरअसल वे यहां कांग्रेस पर हमलावर हो रहे थे। उसी बीच उन्होंने कहा कि आज मेरे पास समय कम है। उन्होंने कहा कि 3 दिसंबर को हम दीवाली मनाएंगे और अगली बार जब आउंगा तो यहां की दालबाटी और तोलाराम की कचोरी खाउंगा। इन शब्दों ने पूरे माहौल को जायकेदार बना दिया। यही नहीं जैसे ही सभा समाप्त हुई यहां से जाने के बाद शहरवासियों ने तोलाराम जी के यहां पहुंचकर उन्हें इसकी जानकारी दी और कचोरी खाने की मंशा जाहिर की।

1990 में पहली बार लिया था स्वाद

पीएम मोदी द्वारा तोलाराम जी और उनकी कचोरी के जिक्र के बाद तोलाराम जी का नाम एक बार फिर शहर में उनका नाम फिर चर्चाओं में है। दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए तोलाराम जी ने बताया कि पीएम मोदी जब पीएम नहीं थे वे प्रचारक के रूप में यहां आए थे और कचोरी का स्वाद लिया था। उस समय हमारे यहां ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी। उन्होंने बताया कि अब तो उन्होंने दुकान बंद कर दी है और घर पर ही कचोरी बनाते हैं। अब वे नहीं उनका बच्चा यह काम संभालता है। उस समय के जमाने को याद करते हुए वे कहते हैं कि उस समय कचोरी बनाने का आनंद ही अलग था। मसाले भी हाथों से तैयार करते थे जिसमें हिंग का इस्तेमाल होता था तो कचोरी के साथ जो चटनी होती थी वह कहीं नहीं मिलती थी। मुझे खुशी है कि उस समय का स्वाद मोदी जी को पीएम बनने के बाद भी याद है और विशाल जनसमुदाय के सामने उन्होंने मुझे याद करके मेरा मान बढ़ा दिया है। इसके लिए उन्हें बहुत बहुत धन्यवाद और शुभकामनाएं हैं।

घर पर लगा लोगों का तांता, दिखाई वीडियो क्लीप

मोदी जी द्वारा कचोरी की तारीफ करने के बाद वहां से निकलकर लोगों ने तोलाराम जी के घर पहुंचकर उन्हंे इसके बारे में बताया। जब उन्हें भरोसा नहीं हुआ तो लोगों ने उन्हें वीडियो क्लीप भी दिखाई। यह देख तोलाराम जी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।