भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुरू की पहल
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 10 सितंबर को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की गोली
CURATED BY – BHAGWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS
शाजापुर, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक बच्चे को कृमि मुक्त बनाना है। यह एक सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है जो कम समय में बड़ी संख्या में बच्चों तक पहुंचा है। मल से दूषित मिट्टी के माध्यम से फैलने वाले हेल्मिंथ कीड़े को मृदा संचारित हेल्मिंथ आंतों के परजीवी कीड़े कहा जाता है। मृदा-संचारित हेल्मिंथ संक्रमण से एनीमिया, कुपोषण, शारीरिक, मानसिक और संज्ञानात्मक विकास में कमी और स्कूल में कम भागीदारी हो सकती है। उक्त बातें शनिवार को सोमवारिया स्थित एमएलबी उमावि में विकासखंड शाजापुर के शहरी तथा ग्रामीण शालाओं के संस्था प्रधानों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कही। उन्होने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष की आयु के सभी बच्चों, स्कूल में नामांकित और गैर नामांकित को कृमि मुक्त करना है, ताकि उनके समग्र स्वास्थ्य, पोषण स्थिति, शिक्षा तक पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके। इसीको लेकर आगामी 10 सितम्बर को आंगनवाड़ी, स्कूलों में लक्ष्य समूह के विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इस दौरान जो विद्यार्थी शेष रहेंगे उन्हें 13 सितंबर को गोली खिलाई जाएगी। बैठक में कृमि मुक्ति दिवस आयोजन के संबंध में बीईई राजेश भारती, शहरी पर्यवेक्षक जॉय शर्मा, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक मोहन किचोलिया, जाफर शाह, विष्णुप्रसाद चावड़ा ने शिक्षकों का उन्मुखीकरण किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग से संकुल प्राचार्य पूनम त्रिवेदी, लाहौरी उमावि के प्राचार्य मोहनसिंह सौराष्ट्रीय, जन शिक्षक लोकेश राठौर, जगदीश भावसार, आरपी भिलाला, गोरेलाल बालोदिया, दिनेश मालवीय ने कार्यक्रम को सफल बनाने के संबंध में आवश्यक रणनीति तैयार की। संचालन शिक्षक संजय कुमार सोनी ने किया। कार्यक्रम में 120 से अधिक संस्था प्रधान उपस्थित रहे।