कटनी दौरे पर पहुंचे मंत्री इंदर सिंह परमार
शिक्षा सुधार पर की बात, लेकिन विवादों पर साधी चुप्पी
CURATED BY – SUNIL YADAV | CITYCHIEFNEWS
कटनी, मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कटनी दौरा उस समय चर्चा में आ गया जब उन्होंने एक ओर उच्च शिक्षा में नवाचार और योजनाओं की बात की, तो दूसरी ओर UGC के विरोध और अन्य विवादित मुद्दों पर सवालों से किनारा करते नजर आए।
अल्प प्रवास पर कटनी पहुंचे मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 का जिक्र करते हुए बताया कि इस वर्ष प्रदेश के विश्वविद्यालयों में डिजिटल वैल्यूएशन सिस्टम लागू किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अब तक परीक्षाओं की कॉपियों के बंडल ऑफ लाइन जांच के लिए ले जाए जाते थे, लेकिन ऑनलाइन मूल्यांकन से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद होगी। मंत्री ने एक और नवाचार की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है और यहां भारत की विविध भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की जा रही है। इसके तहत तमिल, मलयालम, सिंधी, मणिपुरी, गुजराती जैसी भारतीय भाषाओं को अलग-अलग विश्वविद्यालयों से जोड़ा जाएगा, जिससे भाषाई और सांस्कृतिक अध्ययन को मजबूती मिलेगी। हालांकि, जब पत्रकारों ने UGC के विरोध को लेकर सवाल किया तो मंत्री ने सीधा जवाब देने से परहेज किया, जिससे राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई। वहीं उत्तर प्रदेश में चल रहे शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर मंत्री ने कहा कि यह विषय उनके स्तर का नहीं है। उन्होंने ने यह कहा कि पत्रकारों के दवाब में मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जो पत्रकारों ने विवादित बयान ले लिया था इस तरह का वाह बयान नहीं देंगे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार
ने कटनी में खुलने वाले पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज के विरोध में मामले में कहा कि इस मामले में वह टिप्पणी नहीं करना चाहते है। वह इस पर कुछ नहीं बोलेंगे। एक तरफ जहां मंत्री उच्च शिक्षा में बेहतर काम और योजनाओं की बात करते नजर आए, वहीं विवादित मुद्दों पर चुप्पी उनके दौरे का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश बनकर सामने आई।