कोतमा कालरी गेस्ट हाउस में चली बैठक और पार्टी
जमीनी हकीकत जानने का नहीं हुआ प्रयास की गई खानापूर्ति
CURATED BY – SUSHIL SONI | CITYCHIEFNEWS
अनूपपुर, एसईसीएल बिलासपुर वेल्फेयर कमेटी की टीम 26 जून 2025 की शाम एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के कोतमा कालरी गेस्ट हाउस में दो दिवसीय निरीक्षण के लिए पहुंची। वेल्फेयर कमेटी के सदस्यों को जहां 26 एवं 27 जून 2 दिन जमुना कोतमा क्षेत्र के समस्त कॉलोनीयों की साफ सफाई कलारी आवासों की स्थिति तथा कलारी मजदूर की अन्य समस्याओं का निरीक्षण करना था और जमीनी हकीकत की रिपोर्ट एसईसीएल बिलासपुर बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को सौपना है लेकिन यहां वेल्फेयर कमेटी की पहुंची टीम गेस्ट हाउस में खाना पीना करते हुए केवल बैठक आयोजित कर निरीक्षण की खानापूर्ति करते हुए लिफाफा और गिफ्ट लेकर रवाना होने की खबर सामने आई है।
निरीक्षण के नाम पर की गई पिकनिक और मस्ती
जमुना कोतमा क्षेत्र की कॉलोनीयों का वार्षिक निरीक्षण करने पहुंची एसईसीएल बिलासपुर वेल्फेयर कमेटी के सदस्यों ने निरीक्षण के नाम पर कोतमा कालरी गेस्ट हाउस में पिकनिक और पार्टी मनाने तक ही सीमित रहा। बताया जाता है कमेटी के लोगों ने 26 जून की रात्रि गेस्ट हाउस में भरपूर मस्ती की और 27 जून को सुबह 10:00 बजे एक बैठक कर पूरे निरीक्षण कार्यक्रम का खाना पूर्ति कर दी गई और बदहाल स्थिति में कालरी कामगारों और उनकी कॉलोनी को छोड़ गए।
क्या है वेल्फेयर कमेटी और कौन लोग हैं शामिल
एसईसीएल कंपनी में वेल्फेयर कमेटी का गठन इसलिए किया गया है की समय-समय पर यह कमेटी कोयला खदानों में कार्य करने वाले मजदूरों की समस्याओं को उनके क्षेत्र में जाकर देखें और सुने तथा उनकी जमीनी हकीकत और रिपोर्ट कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की जाए जिससे कि समस्याओं का समाधान किया जा सके और जहां पर कमियां हैं उन्हें ठीक किया जा सके। इस कमेटी में सभी श्रम संगठन के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं इसके अलावा एसईसीएल कंपनी के अधिकारी भी इस कमेटी में शामिल रहते हैं जिनकी निगरानी में कालरी कामगारों के कॉलोनी और उनके रहन-सहन तथा अन्य समस्याओं का वार्षिक निरीक्षण और प्रतिवेदन देना होता है लेकिन यहां पहुंची कमेटी ने सभी के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
गंदगी और अव्यवस्थाओं से भरा पड़ा है क्षेत्र
टूटी -फूटी नाली एवं सड़क तथा जर्जर कालारी आवास जगह-जगह पर गंदगी के ढेर को देखने लायक है जिसमें नरकीय जीवन जीने को एसईसीएल के कर्मचारी मजबूर हैं लेकिन उनकी समस्याओं को देखने और सुनने के लिए बनी वेल्फेयर कमेटी शराब के दो जाम पर मजदूरों के खून पसीने की कीमत आकर चली गई। बैठक के दौरान जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रबंधन द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई थी कि वेल्फेयर बोर्ड के सदस्यों का मुंह भी नहीं खुल सका और अपना अपना हिस्सा लेकर चुपचाप रवाना होने की खबर सामने आ रही है। कुल मिलाकर इस निरीक्षण का नतीजा वही ढांक के तीन पात वाला रहा।