इंदौर, विजय नगर क्षेत्र में गैस पाइपलाइन विस्फोट में झुलसे लोगों का हाल जानने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों व अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर और निर्बाध उपचार उपलब्ध कराया जाए।

महापौर ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि वे ईश्वर से सभी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कराई जा रही है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।

  हाई कोर्ट का सख्त रुख, मुफ्त इलाज और एयरलिफ्ट के निर्देश  

मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि हादसे के पीड़ितों से उपचार के लिए किसी प्रकार का शुल्क न लिया जाए और उनका पूरा इलाज निशुल्क कराया जाए।

वहीं, गंभीर रूप से झुलसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला की हालत को देखते हुए हाई कोर्ट ने सरकार को उन्हें बेहतर उपचार के लिए तत्काल एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

  नगर निगम पर भाजपा पार्षद को बचाने के आरोप  

इधर, हादसे के बाद नगर निगम की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी का निवास है और घटना के समय वे स्वयं वहां मौजूद रहकर बोरिंग कार्य की निगरानी कर रहे थे।

आरोप है कि इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि शुरू से ही पार्षद को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके चलते अब तक उनका नाम आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कथित अवैध बोरिंग की अनुमति से संबंधित दस्तावेज और रिपोर्ट नगर निगम से मांगी हैं, लेकिन अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसे लेकर मामले में मिलीभगत की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।