अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। वस्त्राल क्षेत्र में संचालित एक कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई, जिसमें अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 अन्य घायल हुए हैं। घायलों में एक की हालत गंभीर बनी हुई है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज लगभग पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू किया।

 रामोल-गतराड रोड स्थित फैक्ट्री में हुआ विस्फोट

यह हादसा अहमदाबाद के रामोल-गतराड रोड पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) कैंप के पीछे स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुआ। विस्फोट के तुरंत बाद फैक्ट्री में भीषण आग फैल गई और इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए। धमाके की आवाज सुनकर सबसे पहले नजदीक स्थित RAF के जवान मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही राहत कार्य शुरू करते हुए कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला। बाद में दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।

 एल.जी. अस्पताल और सिविल अस्पताल में घायलों का इलाज

अहमदाबाद नगर निगम के अनुसार, हादसे में आठ लोगों की मौत एल.जी. अस्पताल में हुई, जबकि एक घायल ने सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सभी घायलों का इलाज एल.जी. अस्पताल और अहमदाबाद सिविल अस्पताल में जारी है। कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें गंभीर चोटें भी आई हैं। आग पर काबू पाने के बाद दमकल विभाग ने लंबे समय तक कूलिंग ऑपरेशन चलाया, ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका को खत्म किया जा सके। देर शाम तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा।

 शुरुआती जांच में अवैध संचालन का खुलासा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, वह कथित रूप से बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री संचालक की पहचान मेहुल डोडिया के रूप में हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इस इकाई का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था, इसके बावजूद यहां कथित तौर पर पटाखों का निर्माण जारी था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे हुई और अवैध संचालन किसकी मिलीभगत से जारी रहा। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

 राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक

हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।