CURATED BY – GAURAV SINHGHAL | CITYCHIEFNEWS

सहारनपुर | देवबंद, गुरूद्वारा श्री गुरूनानक सभा में शहीदों के सरताज साहिब श्री गुरू अर्जुन देव जी का शहीदी पर्व श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। संगत को गुरू जी के शहीदी इतिहास बारे बताते हुए भाई गुरदयाल सिंह ने कहा कि गुरू जी बाणी के बड़े ज्ञाता थे। उन्होंने श्री गुरू ग्रंथ साहिब का सम्पादन करते हुए 36 महान वाणीकारों की वाणियां बिना किसी भेदभाव के दर्ज की। बादशाह जहांगीर के पुत्र को शरण देने पर जहांगीर ने सन् 1606 में चंदू के कहने पर गुरू जी को कैद कर लिया और उन्हें इस्लाम कबूल करने या शहीद होने का प्रस्ताव दिया। गुरू जी के धर्म परिवर्तन न करने पर उन्हें गर्म तवे पर बिठाकर व सिर पर रेत डालकर कठोर यातनाएं देते हुए शहीद किया गया। गुरू जी ने तेरा भाना मीठा लागे बाणी पर चलते हुए अपना शरीर कुर्बान कर दिया। वहीं, शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में महिला सुखमणि सेवा सोसाइटी द्वारा चल रहे 40 दिवसीय सुखमणि साहिब के पाठों की लड़ी का भी समापन हो गया। गुरवाणी कीर्तन के बाद छबील लगाकर राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया गया। इस दौरान सेठ कुलदीप कुमार, विरेंद्र सिंह उप्पल, गुरजोत सिंह सेठी, गुरविंदर सिंह छाबड़ा, गुरविंदर सिंह बेदी, चरण सिंह, तनिष्क अरोड़ा, चंद्रदीप सिंह, राजपाल सिंह, हर्षप्रीत मनचंदा, अजय निझारा, हर्ष भारती, हर्ष नारंग, अमन सेठी आदि मौजूद रहे।