CURATED BY – Shri Niwas Mishra | CITYCHIEFNEWS

मैहर, मैहर जिला बनने के बाद पहली बार मैहर जिला की भाजपा कार्यकारणी गठित हुई पर मैहर जिला भाजपा के कई वरिष्ठ भाजपा नेता गुटबंदी के हुए शिकार नही मिली जिला कार्यकारणी में जगह क्या पार्टी चुनाव समीप देख देगी लॉलीपॉप या करेगी नजरंदाज मैहर जिले के वरिष्ठ नेताओं को।

सतना लोकसभा की चुनावी सरगर्मियों के बीच भाजपा ने 4 बार के सांसद रह चुके श्री गणेश सिंह जी को 5वी बार टिकट देकर मैदान पर उतार दिया है जिसमे सतना लोकसभा के अंतर्गत अब 2 जिलों का समावेश हो चुका है सतना जिले से अलग होकर बना मैहर जिला लोकसभा सतना के अंदर है नया जिला मैहर की भाजपा जिला कार्यकारणी का हाल ही मे गठन किया गया पर नई कार्यकारणी के अंदर भारी गुटबंदी साफ साफ जिला वासियों को नजर आ रही है जिसकी चर्चा गली गली होने लगी की भाजपा के लिए अपना सर्वस्व निछावर करने वाले पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को मैहर जिला कार्यकारणी मे कोई जगह नही मिली जो की हाल ही में सतना जिला भाजपा कार्यकारणी में थे वैसे तो मैहर विधानसभा वा अमरपाटन विधानसभा के कई वरिष्ठ भाजपा नेता है जिनको पार्टी की मैहर जिला कार्यकारणी मे जगह नही मिली सांसद प्रतिनिधि वा जिला कार्यसमिति सदस्य श्री सत्यभान सिंह पटेल जी, वर्तमान मैहर नगरपालिका पार्षद वा जिला कार्यसमिति सदस्य श्री अशोक चौबे जी, जिला कार्यसमिति सदस्य श्री रमाकांत दुवेदी जी अमदरा सर्किल से, भाजपा वरिष्ठ नेता श्री सनद गौतम जी, पार्षद वा कार्यसमिति सदस्य रवि सराफ जी जैसे कई नेताओं को मैहर जिला कार्यकारणी से दूर रखा गया है पार्टी के अंदर की अंतरकलह साफ प्रदर्शित हो रही है वही नई कार्यकारणी घोषित होने के 24 घंटे बीतते ही मैहर जिला कार्यकारणी के जिला मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह जी ने अपना इस्तीफा मैहर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री कमलेश सुहाने जी को भेज दिया जो साबित करता है की कुछ बडा चल रहा है और सोचनीय सवाल यह भी है कि जिस तरह मैहर ज़िले भाजपा के दिग्गज नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है जो की शुभ संकेत नही या फिर हाल ही मे होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए इन नेताओ को लॉलीपॉप देकर पार्टी का काम करवाया जायेगा या फिर ये नेता लालकृष्ण आडवाणी मुरलीमनोहर जोशी जी की तरह लाइन अटैच हो जायेगे या अपना मनसम्मन बचाने के लिए विचारणीय सवाल भी खड़ा हैं वही पार्टी के अंदर नए चेहरो को जिला कार्यसमिति सदस्य होना चाहिए तो डायरेक्ट जिला महामंत्री, जिला मंत्री, कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष जैसे पड़े पदों पर पदासीन किया गया है।