पंजाब में हाल के समय में हुए IED (Improvised Explosive Device) और ग्रेनेड ब्लास्ट मामलों को लेकर जांच एजेंसियों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि इन घटनाओं के पीछे केवल स्थानीय अपराधी नहीं बल्कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल, खालिस्तानी नेटवर्क और गैंगस्टर गठजोड़ सक्रिय थे। इन मामलों में सबसे अधिक जिन संगठनों के नाम सामने आए उनमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान लिबरेशन आर्मी और कुछ ISI समर्थित मॉड्यूल शामिल बताए गए। जांच एजेंसियों के अनुसार कई हैंडलर विदेशों से विशेषकर पाकिस्तान, मलेशिया, जर्मनी और पुर्तगाल से ऑपरेट कर रहे थे और सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड चैट तथा ड्रोन सप्लाई चैन के जरिए हथियार और विस्फोटक पहुंचा रहे थे। पंजाब पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में गैंगस्टर नेटवर्क और कट्टरपंथी मॉड्यूल साथ काम कर रहे थे। कुछ आरोपियों के संबंध लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से भी जोड़े गए। जालंधर और चंडीगढ़ ग्रेनेड हमलों में विदेशी हैंडलरों के निर्देश मिलने की बात सामने आई। जांच कैसे आगे बढ़ी पंजाब पुलिस ने इन मामलों में कई स्तरों पर कार्रवाई की  घटनास्थल को तुरंत सील किया गया फॉरेंसिक साइंस टीमों ने विस्फोटक सामग्री के नमूने जुटाए CCTV फुटेज खंगाले गए डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल यूनिट तैनात की गई मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया चैट और फंडिंग ट्रेल ट्रैक किए गए ड्रोन सप्लाई रूट की भी जांच हुई कई मामलों में आरोपियों तक पहुंचने का सबसे बड़ा माध्यम CCTV और डिजिटल ट्रैकिंग बनी। जालंधर ब्लास्ट में एक संदिग्ध व्यक्ति CCTV में भागता हुआ दिखा, जिसके बाद पुलिस ने उसके नेटवर्क तक पहुंच बनाई वा पंजाब पुलिस के अलावा किन एजेंसियों ने जांच की इन मामलों में कई एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं।

पंजाब पुलिस नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC)काउंटर इंटेलिजेंस विंग रेलवे पुलिस और RPF,फॉरेंसिक विभाग,केंद्रीय खुफिया एजेंसियां कुछ मामलों में NIA ने सीधे जांच अपने हाथ में ली क्योंकि विस्फोटों के तार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और आतंकवादी संगठनों से जुड़ते दिखाई दिए। जांच एजेंसियां आरोपियों तक कैसे पहुंचीं पुलिस ने कई तकनीकों का उपयोग किया मृत या गिरफ्तार आरोपियों के फोन डेटा रिकवर किए गए बैंक ट्रांजैक्शन और हवाला चैन की जांच हुई ड्रोन से आए हथियारों के रूट की पहचान की गई गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हथियारों के जखीरे बरामद किए गए अंतरराज्यीय ऑपरेशन चलाए गए एक मामले में आरोपी के भाई की निशानदेही पर RPG, RDX, हैंड ग्रेनेड और विदेशी पिस्तौलें बरामद हुईं। इससे जांच एजेंसियों को पूरे मॉड्यूल का सुराग मिला। आगे क्या जांच होगी अब एजेंसियों का फोकस इन बिंदुओं पर हैँ विदेशी हैंडलरों की पहचान ISI लिंक की पुष्टि ड्रोन सप्लाई नेटवर्क का खुलासा पंजाब में सक्रिय स्लीपर सेल्स की पहचान  गैंगस्टर और आतंकी गठजोड़ को तोड़ना सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैलाने वालों की निगरानी सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पंजाब में लगातार हो रहे ग्रेनेड और IED हमलों का उद्देश्य राज्य में डर और अस्थिरता पैदा करना था। इसी कारण संवेदनशील इलाकों, रेलवे ट्रैक, पुलिस प्रतिष्ठानों और सुरक्षा ठिकानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।