राजनगर ओपन कास्ट माइन में बड़ा हादसा
एस ई सी एल में सुरक्षा नियम के पालन न करने के कारण उजड़ गई मां की कोख, एकलौते बेटे की टूटी सांसे
CURATED BY – YASHPAL SINGH JAT | CITYCHIEFNEWS
अनूपपुर। एसइसीएल उपक्षेत्र के हसदेव अंतर्गत राजनगर ओसीएम में कॉलरी प्रबंधकों की लापरवाही में शुक्रवार को एक मां की कोख उजड़ गई, घर का एकलौता कमाने वाला बेटा और निजी कंपनी में ठेका मजदूरी करने वाला अजय कोल निवासी वार्ड क्रमांक 1 विशेषन दफाई राजनगर की मौत हो गई। बताया जाता है कि यह दुर्घटना राजनगर ओसीएम में दोपहर 12 बजे के आसपास घटी, जब यहां मिट्टी हटाकर एसइसीएल कंपनी के लिए कोयला मुहैया कराने वाली मां कुदरगढ़ी प्रायवेट लिमिटेड कपंनी जिसके मालिक अमित सिंगला हैं के द्वारा कोयला उत्खनन के लिए ब्लास्ट किया जा रहा था। इस दौरान मजदूर वहीं रहा, जहां ब्लास्ट के दौरान वह उसकी चपेट में आ गया और उसकी अस्पताल पहुंचने से पूर्व मौत हो गई। घटना के बाद आनन फानन में कंपनी व कॉलरी के कर्मचारियों ने ठेका मजदूर अजय कोल को एसइसीएल अस्पताल राजनगर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मां कुदरगढ़ी के कर्मचारी शव को अस्पताल में छोडक़र मौके से भाग निकले। घटना की सूचना परिजनों व ग्रामीणों को मिलने पर परिजन व ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। जहां कॉलरी कर्मचारियों का घंटो इंतजार करने व नहीं आने पर ग्रामीणों व परिजनों ने शव को राजनगर ओसीएम खदान भेज दिया, जिसके बाद कॉलरी के गेट पर पहुंचकर शांतिपूर्वक घटना के विरोध में प्रदर्शन करते हुए मुआवजे सहित शव की मांग कर रहे हैं, आशंका है इससे सडक़ जाम होगी, लेकिन घटना के बाद पुलिस बल व्यवस्थाओं को बनाने में जुट गया है।
सुरक्षा की अनदेखी, ब्लास्ट के दौरान कहां थे सुरक्षा अधिकारी
जानकारी के अनुसार जिस समय खदान के भीतर ब्लास्ट होता है, उस दौरान खदान के भीतर किसी भी कर्मचारी या मजदूर को नहीं रखा जाता है। यहीं नहीं ब्लास्ट के लिए निर्धारित समय से पूर्व सायरन बजाकर आसपास के क्षेत्र को खाली कराया जाता है, यहां तक सुरक्षा में तैनात अधिकारियों द्वारा जांच पड़ताल की जाती है, बावजूद यह घटना कॉलरी के सुरक्षा व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मजूदरों का कहना है कि यहां कंपनी द्वारा कोयला उत्खनन में सुरक्षा को ही दरकिनार कर दिया है, जिसके कारण आए दिन खदानों के भीतर ठेका मजदूरों की जान आफत में बनी रहती है।
हर घटना के बाद कॉलरी बाहर की घटना को बताने में दिखाता है तत्परता
राजनगर ओसीएम खदान के भीतर अब तक कई घटनाएं घट चुकी है, लेकिन यहां कॉलरी प्रबंधकों द्वारा एक तरीका अपनाया गया है, सुरक्षा मानकों में हुई चूक से बचने यहां के अधिकारी हर घटना के बाद घायल या मृतक को एम्बुलेंस के माध्यम से बिना परिजनों को सूचित किए मनेन्द्रगढ़ या आसपास के अस्पताल भेज देते हैं, जहां मृत होने पर पुन: एम्बुलेंस के माध्यम से छुपाते हुए कॉलरी लाकर उसे बाहर किसी हादसे का शिकार बनाकर परिजनों को मुआवजे के झांसे में लेकर अपनी गलतियों पर पर्दा डाल जाते हैं। यहां परिजन भी मोटी राशि को देखकर शव लेकर चले जाते हैं। लेकिन यहां घटनाओं के बाद भी कॉलरी प्रबंधक सबक नहीं सिखते।
तो ठेकेदार और कपंनी देगी 1.50 लाख की सहायता, मिलेगी बीमा और अन्य सहायता
मजदूर की मौत के बाद मामले में एसडीएम अजीत तिर्की ने बताया कि मृतक के परिजनों को तत्काल 1 लाख रुपए ठेकेदार एवं 50 हजार रुपए प्रबंधन के द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं 15 लाख रुपए एक हफ्ते के अंदर उपलब्ध कराई जाएगी। जबकि 16 लाख की राशि बीमा के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। परिजनों को समझाईश दी गई है, वहीं पुलिस ने मार्ग कम कर जांच शुरू किया है।
इनका कहना है
मजदूर की मौत के मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मृतक के परिजन को तत्काल 1 लाख 50 हज एवं 15 लाख की राशि 1 सप्ताह के अंदर वही बीमा की राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी । वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी ।
अजीत तिर्की
एसडीएम कोतमा
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